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पाकिस्तान अगर आतंकवाद का पनाहगाह न बने तो भारत से मिल सकता है आर्थिक लाभ : अमेरिकी रक्षा मंत्री

रक्षा मंत्री ने कहा कि ट्रंप प्रशासन का मानना है कि जब तक पनाहगाह खत्म नहीं किए जाते तब तक ना केवल अफगानिस्तान बल्कि पाकिस्तान और भारत के आसपास कहीं भी स्थिरता कायम करना काफी मुश्किल होगा.

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पाकिस्तान अगर आतंकवाद का पनाहगाह न बने तो भारत से मिल सकता है आर्थिक लाभ : अमेरिकी रक्षा मंत्री

भारत की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ अमेरिका के रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ( फाइल फोटो )

खास बातें

  1. पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ अमेरिका दौरे पर
  2. दोनों देशों के बीच रिश्तों में है खटास
  3. आतंकवाद के मुद्दे पर अमेरिका से मिल चुकी है नसीहत

पाकिस्तान अगर अपनी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों को निभाने का तरीका ढूंढ लें और अपनी सरजमीं को आतंकवादियों के लिए पनाहगाह न बनने दे तो उसे भारत की ओर से काफी आर्थिक लाभ मिल सकते हैं. अमेरिका के रक्षा मंत्री जिम मैटिस  ने सीनेट की प्रभावशाली सशस्त्र सेवा समिति के सदस्यों से यह बात कही. उन्होंने कहा कि सरकार का रूख बहुत स्पष्ट है और पाकिस्तान से उसकी जो अपेक्षा है उसे लेकर वह दृढ़ है तथा उनका प्रशासन बदलाव लाने के लिए सरकार के सभी आयामों का इस्तेमाल कर रहा है.

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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दक्षिण एशिया नीति घोषित करने के कुछ सप्ताह बाद यह बयान आया है. दक्षिण एशिया नीति में ट्रंप ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी नीति अपनाई है. मैटिस ने कहा कि निश्चित तौर पर एक पड़ोसी के तौर पर भारत की अहम भूमिका है और अगर पाकिस्तान अपनी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों को निभाने का तरीका ढूंढ लेता है तथा देश के भीतर किसी भी तरह की पनाहगाह का खात्मा करता है तो उसे ठोस आर्थिक लाभ हो सकते हैं.


रक्षा मंत्री ने कहा कि ट्रंप प्रशासन का मानना है कि जब तक पनाहगाह खत्म नहीं किए जाते तब तक ना केवल अफगानिस्तान बल्कि पाकिस्तान और भारत के आसपास कहीं भी स्थिरता कायम करना काफी मुश्किल होगा. मैटिस सांसदों के इन सवालों का जवाब दे रहे थे कि प्रशासन क्यों मानता है कि पाकिस्तान इस समय अपना रवैया बदलेगा.  समिति के चेयरमैन सीनेटर जॉन मैक्केन ने कहा कि ट्रंप ने कहा है कि वह आतंकवादियों को प्रश्रय देने वाले पाकिस्तान के प्रति अमेरिका का रूख बदलेंगे. ये आतंकवादी अमेरिकी सेवा के सदस्यों और अधिकारियों को निशाना बनाते हैं.



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