NDTV Khabar

चीन ने दिखाया दम, पहले स्‍वदेशी विमानवाहक पोत का किया जलावतरण

161 Shares
ईमेल करें
टिप्पणियां
चीन ने दिखाया दम, पहले स्‍वदेशी विमानवाहक पोत का किया जलावतरण

चीन ने इसको स्‍वदेश में विकसित किया है.

खास बातें

  1. चीन ने घरेलू स्‍तर पर ही इसको डिजाइन और निर्मित किया
  2. भारत अभी स्‍वदेशी स्‍तर पर ऐसे पोत को विकसित करने की दिशा में
  3. उत्‍तर कोरिया और दक्षिण चीन सागर में बढ़ते विवाद के बीच चीन का अहम कदम
बीजिंग: चीन के दक्षिण चीन सागर में विस्तार को लेकर चिंताओं के बीच बीजिंग ने बुधवार को अपने पहले स्वदेशी विमानवाहक पोत का जलावतरण किया है जो यूक्रेन से खरीदे गए मौजूदा पोत के साथ शामिल होगा. इससे बीजिंग की सैन्य क्षमताओं में भी बढ़ोतरी होगी. सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार 'चीन शिपबिल्डिंग इंडस्ट्री कॉर्पोरेशन'  (सीएसआईसी) के पूर्वोत्तर डालियान शिपयार्ड में प्रक्षेपण समारोह के दौरान 50,000 टन के इस नए विमानवाहक पोत को सूखे डॉक से पानी में स्थानांतरित किया गया. चीन के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह चीन का दूसरा विमानवाहक पोत है, जिसका अभी नाम नहीं रखा गया है. जहाज को लियाओनिंग, डालियान शिपयार्ड से पास के तट पर लाया गया था.

विमानवाहक पोत कथित तौर पर लियाओनिंग से ज्यादा उन्नत होगा, जो 25 वर्ष पूर्व निर्मित किया गया यूक्रेन से खरीदा नवीनीकृत सोवियत जहाज है. चीन ने अपने दूसरे विमानवाहक पोत का निर्माण कार्य नवंबर 2013 में शुरू किया था. डॉक का निर्माण मार्च 2015 में शुरू हुआ था. हालांकि विमानवाहक पोत के वर्ष 2020 से पहले पूरी तरह सक्रिय होने की संभावना नहीं है.

शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने कहा कि विमानवाहक को पानी में उतारना चीन की स्वदेशी विमानवाहक पोत डिजाइन एवं निर्माण करने की प्रक्रिया को रेखांकित करता है.

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement