दोबारा खरा उतरने की कसौटी पर ओबामा

दोबारा खरा उतरने की कसौटी पर ओबामा

खास बातें

  • ठीक चार वर्ष पहले 'आशा' और 'बदलाव' के नारे के साथ दुनिया के सबसे ताकतवर पद पर कब्जा करने वाले अफ्रीकी मूल के पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा आज व्हाइट हाउस पर कब्जा बनाए रखने के लिए कांटे की लड़ाई में उलझे हुए हैं।
वाशिंगटन:

ठीक चार वर्ष पहले 'आशा' और 'बदलाव' के नारे के साथ दुनिया के सबसे ताकतवर पद पर कब्जा करने वाले अफ्रीकी मूल के पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा आज व्हाइट हाउस पर कब्जा बनाए रखने के लिए कांटे की लड़ाई में उलझे हुए हैं।

वियतनाम युद्ध के समय के दिग्गज नेता जॉन मैक्के न को 2008 के चुनाव में भारी मतों से पटखनी देने वाले केन्याई पिता और कंसास से सम्बंध रखने वाली श्वेत अमेरिकी मां की संतान ओबामा ने उस समय दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा, जब वह अपने जन्म स्थान, धर्म और नस्ल की चुनौतियों से उबर गए।

राष्ट्रपति के रूप में नौ महीना बीतने के साथ ही ओबामा को नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया। यह पुरस्कार अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और लोगों के बीच सहयोग को बढ़ाने के उनके असाधरण प्रयासों के लिए प्रदान किया गया।

चार वर्ष बाद ओबामा का व्यक्तित्व अपने आप में सामने आ गया है, जब वह 'आगे बढ़ो' के नारे के साथ दोबारा चुनाव मैदान में उतरे, क्योंकि इराक युद्ध का अंत, 9/11 के सरगना ओसामा बिन लादेन की मौत से लेकर एक प्रमुख स्वास्थ्य कानून तथा अमेरिका को कठिन मंदी के दौर से बाहर निकालने जैसी उपलब्धियां उनके नाम हैं।

हवाई में चार अगस्त, 1961 को जन्मे ओबामा अपने दादा और दादी की मदद से पले-बढ़े। उनके दादा पेट्टन की सेना में कार्यरत थे और उनकी दादी एक बैंक में काम करती थीं। वह 1967 से 1971 तक अपनी मां और उनके दूसरे पति के साथ इंडोनेशिया में रहे थे।

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छात्रवृत्ति और विद्यार्थी ऋण की मदद से स्कूल से होते हुए ओबामा एक सामुदायिक आयोजक के रूप में काम करने शिकागो चले गए। उसके बाद वह हारवर्ड ला स्कूल गए, जहां वह हारवर्ड ला रीव्यू के पहले अफ्रीकी मूल के अमेरिकी अध्यक्ष चुने गए। उन्होंने शिकागो में एक नागरिक अधिकार अधिवक्ता के रूप में काम किया और 1992 से 2004 तक युनिवर्सिटी ऑफ शिकागो ला स्कूल में संवैधानिक कानून पढ़ाया। इलिनॉइस सीनेट में 1997 से 2004 तक तीन कार्यकाल तक अपनी सेवाएं दी। 2000 में उन्होंने अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स का चुनाव लड़ा, जिसमें वह हार गए।

जुलाई 2004 में डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रमुख वक्ता के रूप में अपने सम्बोधन से वह सुर्खियों में आए। उसके बाद वह नवम्बर 2004 में सीनेट के लिए निर्वाचित हुए। ओबामा फरवरी 2007 में राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ में शामिल हुए, जहां उन्हें पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की पत्नी हिलेरी रोधम क्लिंटन से कड़ा मुकाबला करना पड़ा, फिर भी वह डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवारी हासलि करने में सफल रहे।