TikTok को ट्रंप ने दी एक के बाद एक धमकी, तो चीन बोला- धौंस जमा रहा है अमेरिका

चीन ने मंगलवार को अमेरिका पर "outright bullying" यानी धौंस जमाने का आरोप लगाया है. दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पॉपुलर चीनी वीडियो ऐप TikTok पर लगातार अपना दबाव बना रहे हैं.

TikTok को ट्रंप ने दी एक के बाद एक धमकी, तो चीन बोला- धौंस जमा रहा है अमेरिका

ट्रंप ने TikTok को अमेरिका में अपना ऑपरेशन किसी अमेरिकी कंपनी को बेचने को कहा है. (फाइल फोटो)

बीजिंग:

चीन ने मंगलवार को अमेरिका पर "outright bullying" यानी धौंस जमाने का आरोप लगाया है. दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पॉपुलर चीनी वीडियो ऐप TikTok पर लगातार अपना दबाव बना रहे हैं. ट्रंप ने टिकटॉक को अपना पूरा ऑपरेशन किसी अमेरिकी कंपनी को बेचने के लिए कहा है. इसपर चीन ने मंगलवार को कड़ी प्रतिक्रिया दी है. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेन्बिन ने कहा कि 'यह मार्केट इकॉनमी और (World Trade Organisation) के खुलेपन, पारदर्शिता और गैर-भेदभाव के सिद्धांतों का उल्लंघन करता है.'

इसके एक दिन पहले ही राष्ट्रपति ट्रंप ने टिकटॉक को अपना पूरा काम-काज किसी अमेरिकी कंपनी को बेचने के लिए छह हफ्तों का वक्त दिया है. यह चीन और अमेरिका के बीच राजनीतिक और आर्थिक स्तर पर चल रही लड़ाई का अगला चरण है. 

बता दें कि टिकटॉक अमेरिका में राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा पर संभावित खतरों के आधार पर जांच से गुजर रहा है. दरअसल, टिकटॉक अपने नियमों के हिसाब से यूजर्स का पर्सनल डेटा कलेक्ट करता है. और वो चीनी अथॉरिटी से मांग किए जाने पर चीनी सरकार के साथ डेटा शेयर करने के लिए बाध्य है. 

हालांकि, वेन्बिन ने मंगलवार को एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि 'अमेरिका बिना किसी सबूत के, राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा के कॉन्सेप्ट का दुरुपयोग करके इसके आधार पर गैर-अमेरिकी कंपनियों को अनुचित तरीके से दबाने की कोशिश कर रहा है.' उन्होंने कहा कि चीनी कंपनी पर राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा पर खतरे के अमेरिकी दावे में कोई दम नहीं है. उन्होंने कहा कि ये कंपनियां अपनी बिजनेस गतिविधियां अंतरराष्ट्रीय नियमों और अमेरिकी कानूनों के हिसाब से ही करती हैं. 

वांग ने कहा, 'लेकिन अमेरिका ऐसे बढ़ा-चढ़ाकर आरोप लगाकर इन कंपनियों पर एक्शन ले रहा है. यह सब राजनीतिक हेरफेर है.'

बता दें कि भारत की ओर से टिकटॉक को बैन किए जाने के बाद से अमेरिकी राष्ट्रपति भी टिकटॉक को बैन करने पर जोर दे रहे हैं. हालांकि, इसी बीच माइक्रोसॉफ्ट टिकटॉक को खरीदने को लेकर बातचीत कर रहा था. कंपनी के सीईओ सत्य नाडेला की ट्रंप के साथ हुई बातचीत के बाद कंपनी की ओर से सोमवार को बयान दिया गया कि टिकटॉक को खरीदने को लेकर बातचीत जारी है.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)