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10 लाख उइगुर मुसलमानों को हिरासत में रखे जाने के मामले में चीन ने दिया ये जवाब

चीन ने उन आरोपों से इनकार किया कि उसने 10 लाख उइगुर मुसलमानों को हिरासत शिविरों में रखा हुआ है. उसने कहा कि देश में सभी जातीय समूहों से समान व्यवहार किया जाता है.

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10 लाख उइगुर मुसलमानों को हिरासत में रखे जाने के मामले में चीन ने दिया ये जवाब

फाइल फोटो

खास बातें

  1. देश में सभी जातीय समूहों से समान व्यवहार किया जाता है: चीन
  2. किसी विशिष्ट जातीय समूह को निशाना नहीं बनाया जाता
  3. धार्मिक स्वतंत्रता को प्रतिबंधित नहीं किया जाता
जिनेवा : चीन ने उन आरोपों से इनकार किया कि उसने 10 लाख उइगुर मुसलमानों को हिरासत शिविरों में रखा हुआ है. उसने कहा कि देश में सभी जातीय समूहों से समान व्यवहार किया जाता है. चीन के एक अधिकारी ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार समिति से कहा कि चरमपंथ और आतंकवाद से लड़ने के लिए उसके शिनजियांग क्षेत्र में कड़े सुरक्षा कदमों की आवश्यकता है, लेकिन इनके जरिए किसी विशिष्ट जातीय समूह को निशाना नहीं बनाया जाता या धार्मिक स्वतंत्रता को प्रतिबंधित नहीं किया जाता. 

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नस्ली भेदभाव उन्मूलन पर संयुक्त राष्ट्र समिति से चीन के ‘यूनाइटेड फ्रंट वर्क डिपार्टमेंट’के निदेशक मा योकिंग ने कहा, ‘उइगुरों सहित शिनजियांग के नागरिकों को समान स्वतंत्रता और अधिकार प्राप्त हैं.’ जिनेवा स्थित समिति के समक्ष शुक्रवार को समिति के 18 सदस्यों में से एक गेय मैक्डुगल ने ऐसी ‘अनेक और ठोस खबरों’ पर गंभीर चिंता जताई कि चीन ने क्षेत्र को एक ऐसा स्थान बना दिया है जो ‘किसी बड़े हिरासत शिविर से मिलता-जुलता है.’ उन्होंने विभिन्न समूहों से मिली उन खबरों का हवाला दिया जिनमें कहा गया है कि चीन के शिनजियांग में 10 लाख मुस्लिम उइगुरों को चरमपंथ रोधी केंद्रों में रखा गया है, वहीं अन्य 20 लाख को ‘राजनीतिक और सांस्कृतिक शिक्षण’ के लिए पुनर्शिक्षा केंद्रों में जाने को विवश किया गया है.    

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सोमवार को समिति के समक्ष सवालों का जवाब देने पहुंचे चीन के लगभग 50 उच्चाधिकारियों में शामिल मा ने कहा कि यह बात पूरी तरह झूठी है कि इतनी बड़ी संख्या में उइगुरों को हिरासत और पुनर्शिक्षा केंद्रों में रखा गया है. चीनी अधिकारी सबूतों और हिरासत में रह चुके लोगों की गवाही के बावजूद लंबे समय से ऐसे शिविरों के अस्तित्व में होने की खबरों से इनकार करते रहे हैं. मा ने मैक्डुगल के इस दावे को भी खारिज किया कि क्षेत्र को ‘अधिकार रहित क्षेत्र’ में तब्दील कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह तथ्यों के विपरीत है. उन्होंने कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं है कि किसी खास जातीय समूह को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है या फिर उइगुर लोगों की धार्मिक स्वतंत्रता का दमन या इसे प्रतिबंधित किया जा रहा है. 

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मैक्डुगल पर मा की टिप्पणियों का कोई असर नजर नहीं आया और उन्होंने कहा, ‘मैंने उइगुर इलाके में हिरासत संबंधी आरोपों पर सीधे इनकार सुना.’ उन्होंने कहा, ‘आपने कहा कि मैं 10 लाख लोगों के आंकड़े पर गलत हूं, ठीक है तो बताइये कि कितने लोग हैं. और कौन से कानून हैं जिनके तहत उन्हें हिरासत में लिया गया?’    वहीं, चीन सरकार द्वारा संचालित अखबार ग्लोबल टाइम्स ने अपने संपादकीय में कहा कि शिनजियांग इलाके में कड़े सुरक्षा कदमों ने इसे ‘चीन का सीरिया’ या ‘चीन का लीबिया’ बनने से रोका है.    अखबार ने क्षेत्र में धरपकड़ का बचाव करते हुए कहा कि पश्चिम ‘शिनजियांग के लिए परेशानी खड़ी करने और क्षेत्र में मुश्किल से आई स्थिरता को नष्ट करने की कोशिश कर रहा है.’ इसने अंग्रेजी और चीनी संस्करणों में कहा कि शिनजियांग की सुरक्षा स्थिति ने बड़ी त्रासदी को टाला है और अनगिनत लोगों की जान बचाई है.
 


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