कोरोनावायरस संकट के बीच चीन का सेना पर जोर, रक्षा बजट को 179 अरब डॉलर तक बढ़ाया, भारत के मुकाबले हुआ तीन गुना

चीन ने अपने रक्षा बजट को पिछले साल के 177.6 अरब डॉलर से बढ़ाकर 179 अरब डॉलर कर दिया है.

कोरोनावायरस संकट के बीच चीन का सेना पर जोर, रक्षा बजट को 179 अरब डॉलर तक बढ़ाया, भारत के मुकाबले हुआ तीन गुना

प्रतीकात्मक तस्वीर.

खास बातें

  • चीन का रक्षा बजट 177.6 अरब डॉलर से बढ़कर 179 अरब डॉलर
  • भारत से तीन गुना ज्यादा है चीन का रक्षा बजट
  • हालांकि, पिछले कुछ सालों की यह सबसे कम बढ़ोत्तरी
बीजिंग:

चीन ने अपने रक्षा बजट (China's Defence Budget) को पिछले साल के 177.6 अरब डॉलर से बढ़ाकर 179 अरब डॉलर कर दिया है. यह भारत के रक्षा बजट (India's Defence Budget) का करीब तीन गुना है और अमेरिका के बाद दुनिया में सबसे अधिक. हालांकि, कोरोनावायरस के कारण अर्थव्यवस्था की वृद्धि में आई बड़ी रुकावट के चलते पिछले कुछ सालों में की गई ये सबसे कम बढ़ोत्तरी है.

देश की शीर्ष विधायिका नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (NPC) में शुक्रवार को पेश किए गए एक ड्राफ्ट बजट रिपोर्ट के अनुसार 2020 में चीन के रक्षा बजट की वृद्धि दर 6.6 प्रतिशत रहेगी.

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ (Xinhua) ने बताया कि इस तरह लगातार पांचवें साल चीन के रक्षा बजट में 10 प्रतिशत से कम बढ़ोत्तरी होगी. चीन के पास 20 लाख सैनिकों का दुनिया का सबसे बड़ा सैन्य बल है.

एनपीसी को सौंपे गए ड्राफ्ट रक्षा बजट के अनुसार इस साल चीन का रक्षा बजट 1,270 अरब युआन (करीब 179 अरब डॉलर) का होगा.

रिपोर्ट के मुताबिक, 2019 में चीन का कुल रक्षा बजट अमेरिका के मुकाबले एक चौथाई था, जबकि प्रति व्यक्ति रक्षा व्यय अमेरिका के 17वें हिस्से के बराबर था.

NPC के प्रवक्ता झांग युसुई ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान चीन के रक्षा बजट में पारदर्शिता का अभाव होने की बात से इनकार किया. रक्षा विश्लेषकों (Defence Analyst) का कहना है कि बीजिंग के सैन्य और आधुनिक हथियारों का विस्तार उसकी घोषणाओं के मुकाबले बहुत अधिक है.

झांग ने कहा कि चीन का कोई ‘छिपा हुआ सैन्य खर्च' नहीं है. उन्होंने कहा कि चीन 2007 से हर साल संयुक्त राष्ट्र (United Nations) को अपने सैन्य खर्चों की रिपोर्ट देता रहा है.

उन्होंने कहा, ‘पैसे कहां से आते हैं,  उन्हें कहां खर्च किया जाता है, सभी बातों का लेखाजोखा है.'

स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (Stockholm International Peace Research Institute- SIPRI) के अनुसार, 2019 में चीन का रक्षा खर्च 232 अरब अमरीकी डॉलर था.

चीन के भारी रक्षा खर्च के चलते भारत और कई अन्य देशों को अपना रक्षा व्यय बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ा है, ताकि शक्ति संतुलन कायम रखा जा सके.

इंडियन इंस्टीट्यूट फॉर डिफेंस एंड एनालिसिस (Indian Institute for Defence and Analysis) के अनुसार भारत का रक्षा बजट 2020 में 66.9 अरब अमेरिकी डॉलर था. इस तरह चीन का ताजा रक्षा बजट भारत के मुकाबले 2.7 गुना अधिक है.

झांग ने कहा कि चीन का रक्षा बजट उसकी जीडीपी के मुकाबले करीब 1.3 प्रतिशत है.

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(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
 
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