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ब्रिक्स सम्मेलन में पाकिस्तान के आतंकवाद विरोधी रिकॉर्ड पर चर्चा के खिलाफ है चीन

गौरतलब है कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी चिनफिंग की मुलाकात होने की संभावना है.

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ब्रिक्स सम्मेलन में पाकिस्तान के आतंकवाद विरोधी रिकॉर्ड पर चर्चा के खिलाफ है चीन

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी चिनफिंग की मुलाकात होने की संभावना है.
  2. मुझे नहीं लगता कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में चर्चा के लिए यह उचित विषय है.
  3. अंतरराष्ट्रीय समुदाय को उसके योगदान और कुर्बानियों को स्वीकार करना चाहिए.
बीजिंग: चीन ने गुरुवार को कहा कि अगले हफ्ते होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान पाकिस्तान के आतंकवाद विरोधी रिकॉर्ड से संबंधित चिंताएं चर्चा करने के लिए ‘उचित विषय’ नहीं है. गौरतलब है कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी चिनफिंग की मुलाकात होने की संभावना है.

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चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने संवाददाताओं से कहा, ‘हमने देखा है कि जब पाकिस्तान के आतंकवाद विरोधी कदम की बात आती है तो भारत की कुछ चिंताएं होती हैं. मुझे नहीं लगता कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में चर्चा के लिए यह उचित विषय है.’ यह पूछे जाने पर कि क्या पाकिस्तान के आतंकवाद विरोधी रिकॉर्ड पर ब्रिक्स देशों के नेताओं के बीच बातचीत होगी, तो हुआ ने कहा कि आतंकवाद विरोधी लड़ाई में विश्व को इस्लामाबाद के योगदान को स्वीकारना चाहिए.
 
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के आतंकवाद विरोधी रिकॉर्ड की जमकर आलोचना की थी.

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हुआ ने कहा, ‘आतंकवाद विरोधी प्रयासों में पाकिस्तान अग्रणी है और इसके लिए उसने कुर्बानियां दी हैं. अंतरराष्ट्रीय समुदाय को उसके योगदान और कुर्बानियों को स्वीकार करना चाहिए.’ उन्होंने कहा, ‘चीन आतंकवाद विरोधी लड़ाई में सहयोग बढ़ाने के लिए पाकिस्तान और अन्य देशों के साथ मिलकर काम करने को इच्छुक है.’ हुआ ने इस सवाल का कोई सीधा जवाब नहीं दिया कि क्या ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी और शी द्विपक्षीय बातचीत करेंगे.

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उन्होंने कहा, ‘बहुपक्षीय बैठकों के दौरान द्विपक्षीय बैठकें आयोजित करने की एक परंपरा है. अगर समय मिला तो चीन इसका प्रबंध करेगा.’(इनपुट भाषा से)


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