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चीन की 'वन बेल्ट, वन रोड' परियोजना से बढ़ी अमेरिकी की टेंशन

चीन ने अपनी वन बेल्ट वन रोड की नीति के तहत लंदन तक इस ट्रेन का संचालन शुरू कराया है. बता दें कि यह रेल सेवा शुरु होने से चीन की पहुंच पश्चिमी यूरोप के बाजारों तक हो गई है.

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चीन की  'वन बेल्ट, वन रोड' परियोजना से बढ़ी अमेरिकी की टेंशन

चीन ने अपनी अर्थव्यवस्था में गति देने के लिए वन बेल्ट-वन रोड की नीति बनाई. तस्वीर: प्रतीकात्मक

खास बातें

  1. चीन के 'वन बेल्ट, वन रोड' परियोजना से अमेरिका नाराज
  2. अमेरिका के एक शीर्ष नौसैन्य कमांडर ने बयान जारी कर जताया विरोध
  3. कहा, चीन की ओर से बल के प्रयोग स्वीकार नहीं किया जा सकता
नई दिल्ली: अमेरिका के एक शीर्ष नौसैन्य कमांडर ने कहा कि दक्षिण चीन सागर विवाद को लेकर बीजिंग की तरफ अमेरिका की नीति में कोई बदलाव नहीं है और क्षेत्र में चीन की ओर से बल के प्रयोग तथा दबाव को स्वीकार नहीं किया जा सकता. अमेरिकी प्रशांत बेड़ा कमांडर एडमिरल स्काट यहां भारत अमेरिका नौसैन्य संबंधों को मजबूत करने के तरीके तलाशने के लिए यहां आए थे. उन्होंने कहा कि चीन की 'वन बेल्ट, वन रोड' परियोजना ने क्षेत्र में 'चिंता' पैदा की है.

जानें क्या है वन बेल्ट-वन रोड की नीति

चीन ने अपनी वन बेल्ट वन रोड की नीति के तहत लंदन तक इस ट्रेन का संचालन शुरू कराया है. बता दें कि यह रेल सेवा शुरु होने से चीन की पहुंच पश्चिमी यूरोप के बाजारों तक हो गई है. इसके साथ ही रेल यातायात चीन के लिए सस्ता और तेज साबित होगा. इससे धन और समय दोनों की बचत होगी. बता दें कि पहले शिपिंग से सामान लंदन से चीन 30 दिनों में पहुंचता था.

अर्थव्यवस्था को रफ्तार देगी यह नीति

चीन की अर्थव्यवस्था हाल फिलहाल सुस्त चल रही है. ऐसे में पश्चिमी यूरोप तक के बाजारों में चीन की सीधी पहुंच का फायदा चीन की अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा. बता दें कि ईस्ट विंड ट्रेन से व्हिस्की, बेबी मिल्क और फार्मास्यूटिकल्स चीन पहुंचे.

इनपुट: भाषा


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