Coronavirus: 146 मिलियन की आबादी वाले रूस में मरीजों की संख्या इतनी कम कैसे, 'सुपर पावर' अमेरिका क्यों जूझ रहा है?

अमेरिका, चीन और भारत सहित दुनिया के 100 से ज्यादा देश कोरोनावायरस (Coronavirus) के चपेट में है वहीं चीन से सटे देश रूस ने इस महामारी पर कंट्रोल कर रखा है.

Coronavirus: 146 मिलियन की आबादी वाले रूस में मरीजों की संख्या इतनी कम कैसे, 'सुपर पावर' अमेरिका क्यों जूझ रहा है?

नई दिल्ली :

अमेरिका, चीन और भारत सहित दुनिया के 100 से ज्यादा देश कोरोनावायरस (Coronavirus) के चपेट में है वहीं चीन से सटे देश रूस ने इस महामारी पर कंट्रोल कर रखा है. हाल ही में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि उन्होंने इस महामारी पर हमने नियंत्रण कर लिया है और यह तभी संभव हो  पाया है क्योंकि हमने शुरुआत में ही कठोर कदम उठाए थे. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या रूस में कोरोनोवायरस नियंत्रण में है? वेबसाइट CNN.COM में छपी खबर के मुताबिक रूसी अधिकारियों द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, पुतिन की रणनीति इस बीमारी को रोकने कामयाब हुई है.  दिसंबर के महीने में चीन में कोरोना वायरस का पहला केस सामने आया था और जनवरी में रूस में कोरोनावायरस के कई मामले सामने आए थे. लेकिन अब तक रूस में सिर्फ 253 लोग ही संक्रमित हुए गैं. सीआईए वर्ल्ड फैक्टबुक में कहा गया है कि लग्जमबर्ग जैसे देश जिसकी आबादी  628,000 है, लेकिन यहां शनिवार तक आठ  लोगों की मौत हो चुकी थी वहीं 670 कोरोनावायरस के मामले दर्ज किए गए थे.

रूस की इस सफलता को देखते हुए कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि चीन में पहला केस आते ही,  रूस ने शुरूआत में ही बड़ा और ठोस कदम उठाया. रूस ने 30 जनवरी को 2,600 मील की सीमा को सील कर दिया. साथ ही साथ कई क्वारैंटाइन हाउस की व्यवस्था की. 

WHO के महानिदेशक ने कहा इस महामारी पर कंट्रोल करने का सबसे बेहतर उपाय है आप ,अपने देश में कठोर नियम बनाएं.  रूस में विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि डॉक्टर मेलिता वुजनोविक ने गुरुवार को CNN को बताया  कि रूस ने इस बीमारी पर कंट्रोल करने के लिए जो भी महत्वपूर्ण कदम उठाए वह जनवरी के अंत में यानि इस बीमारी के शुरुआत में ही. इस बीमारी पर कंट्रोल करने के लिए सबसे बेहतर उपाय है अलगाव यानी सोशल डिस्टेंसिंग और अगर जो देश इस  नियमा का पालन करता है वह इस बीमारी पर जल्द ही कंट्रोल कर लेगा.

दुनिया का सुपर पॉवर अमेरिका इस बीमारी से क्यों जूझ रहा है? 
सीडीसी के आंकड़ों के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका ने इस बीमारी के शुरूआत में ही लापरवाही की और काफी देर से कठोर नियम देश में लागू किये. वहीं दूसरी तरफ रूस को देखें तो इसने फरवरी की शुरुआत से ही इस बीमारी पर कंट्रोल करने के लिए देश में कई कठोर नियम बनाए औऱ पूरे देश को लॉकडाउन कर दिया. जिसमें हवाई अड्डों सहित ईरान, चीन के यात्रियों पर बैन लगाना है, सिर्फ इतना ही नहीं यूरोप के कोरोना वायरस प्रभावित देशों के नागरिकों पर बैन लगा दिया गया. खबर के मुताबिक रूस ने अब तक 156,000 जांचें की हैं. वहीं इसकी तुलना में अमेरिका में जांच करने की तेजी मार्च में आई है. जबकि रूस ने फरवरी के शुरुआत में ही ईरान, चीन और दक्षिण कोरिया से आने वाले यात्रियों की एयरपोर्ट पर ही जांच कर डाली थी. हालांकि कुछ लोग यह भी आरोप लगा रहे हैं कि रूस अपने यहां संक्रमित लोगों की संख्या छिपा रहा है. 

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