आयरलैंड : बिन ब्याही माओं के सैंकड़ों बच्चों को कई साल पहले संदिग्ध तरीके से दफनाया गया, सरकार ने पुष्टि की

आयरलैंड : बिन ब्याही माओं के सैंकड़ों बच्चों को कई साल पहले संदिग्ध तरीके से दफनाया गया, सरकार ने पुष्टि की

खास बातें

  • आयरलैंड में कई साल पहले नाजायज़ बच्चों को दफनाने का मामला सामने आया
  • सरकार द्वारा गठित समिति ने माना है कि खुदाई में मिले अवशेष बच्चों के हैं
  • यह मामला 1950 के दौरान का बताया जा रहा है

उत्तरी एटलांटिक के द्वीप आयरलैंड में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. 1925 से 1960 के बीच पश्चिमी आयरलैंड में कई बिन ब्याही माओं को अपने बच्चों के साथ पश्चाताप के लिए चर्चा द्वारा चलाए गए मदर एंड बेबी होम में रहना पड़ता था. 2014 की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि कड़ी मेहनत और सेवा के बाद इन औरतों को अपने जीवन में लौटने की इजाज़त दे दी जाती थी. लेकिन बताया गया कि इनमें से कुछ बच्चे वहीं रह गए और उनका क्या हुआ इसका पता किसी को नहीं चल पाया. न ही किसी ने यह जानने की कोशिश की कि पीछे छूटे बच्चों का क्या हश्र हुआ.

फिर एक स्थानीय इतिहासविद कैथरीन कोर्लेस ने कड़ी रिचर्स के बाद 2014 में खुलासा किया कि पीछे छूटे छोटे बच्चों में करीब 700 से 800 की मौत हो गई थी और उन्हें इसी मदर एंड बेबी होम के नीचे, शायद सेप्टिक टैंक जैसे किसी ढांचे के अंदर बिना किसी पहचान के दफ्न कर दिया गया था. हालांकि इस रिपोर्ट का दुनिया भर की मीडिया ने संज्ञान लिया लेकिन फिर कुछ संदेह के साथ इस फर्जी करार कर दिया गया.

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लेकिन अब आयरिश सरकार ने इस रिचर्स का संज्ञान लेते हुए एक समिति बिठाई थी जिसके मुताबिक इस इमारत के 17 अंडरग्राउंड चैंबर में भारी तादाद में इंसानों के अवशेष मिले हैं. इनमें से कुछ अवशेषों को परीक्षण के लिए बाहर निकाला गया और समिति के मुताबिक 'यह अवशेष 35 हफ्ते से लेकर 2 से 3 साल तक के बच्चों के हैं.' कमिशन ने यह भी कहा है कि सैंपल की रेडियोकार्बन डेटिंग से पता चलता है कि यह अवशेष उसी दौरान के हैं जब मदर एंड बेबी होम कार्यरत था. इनमें से कई सैंपल तो 1950 के दशक के हैं.

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इसके अलावा कमिशन ने आगे की जांच जारी करने की बात कही है और बताया है कि वह इस बात का पता लगाकर रहेगी कि इंसानों के अवशेषों को इस तरह दफनाने के पीछे कौन जिम्मेदार है. साथ ही समिति यह पता लगाने की कोशिश में भी है कि 1922 से लेकर 1998 तक राज्य के 18 धार्मिक संस्थाओं में बिन ब्याही मां और उनके बच्चों के साथ कैसा व्यवहार किया जाता था.