ढाका हमले के पीछे IS का नहीं स्थानीय आतंकी संगठन का हाथ है - बांग्लादेश के मंत्री का बयान

ढाका हमले के पीछे IS का नहीं स्थानीय आतंकी संगठन का हाथ है - बांग्लादेश के मंत्री का बयान

तस्वीर : Reuters

खास बातें

  • हमले के पीछे बांग्लादेशी आतंकी संगठन का हाथ
  • हमलावरों का मदरसा से ताल्लुक नहीं
  • बंदूकधारी और IS के बीच के तार की जांच
ढाका:

ढाका में हुए हमले में जिन सात आतंकियों ने 20 लोगों की हत्या की वह सभी स्थानीय बांग्लादेशी थे और उनमें से पांच पेशेवर अपराधी भी थे जिनकी पुलिस को तलाश थी। यह जानकारी पुलिस ने साझा की है, वहीं बांग्लादेश के गृहमंत्री असदुज्ज़मान खान का बयान आया है कि इस हमले के पीछे बांग्लादेशी आतंकी संगठन है और इस्लामिक स्टेट का इससे कोई लेना देना नहीं है। खान के मुताबिक हमलावर जमा-ए-तुल मुजाहिद्दीन बांग्लादेश के हैं।

एएफपी के मुताबिक खान ने दावा किया है कि सभी हमलावर पढ़े लिखे और अमीर परिवारों से वास्ता रखते थे और इनमें से कोई भी मदरसा से ताल्लुक नहीं रखता था। जब मंत्री से पूछा इन हमलावरों के इस्लामिक कट्टरपंथ का रास्ता अख्तियार करने के पीछे की वजह पूछी गयी थी तो खान ने कहा 'यह आजकल फैशन बन गया है।'
 

(AFP तस्वीर)

बता दें कि शुक्रवार को एक राजनयिक क्षेत्र के कैफे में बंदूकधारियों ने 30 से ज्यादा लोगों को बंधक बना लिया था जिनमें से 20 की हत्या कर दी गई थी। हमले को जिस तरह अंजाम दिया गया है उसकी जटिलता और स्तर को देखकर विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह का हमला बांग्लादेश में पहले नहीं देखा गया है। पुलिस के मुताबिक ज्यादातर पीड़ितों को कमांडो के रेस्त्रां में दाखिल होने से पहले ही मार डाला गया था।

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अल्पसंख्यक और उदारवादियों पर हमला
राष्ट्रीय पुलिस प्रमुख शाहिदुल हक़ ने मीडिया से बातचीत में कहा कि 'सभी बंदूकधारी बांग्लादेशी थे। इनमें से पांच तो वह आतंकी थे जिनकी कानून को पहले से तलाश थी और उन्हें कई बार गिरफ्तार करने की कोशिश भी की गई थी।' हालांकि इस्लामिक स्टेट द्वारा हमले की जिम्मेदारी लिए जाने पर पुलिस का अभी तक कोई बयान नहीं आया है। लेकिन सुरक्षा बलों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि हमले का स्तर देखते हुए बंदूकधारी और इस्लामिक कट्टरपंथी संगठन के बीच के तार की जांच की जा रही है।
 


गौरतलब है कि बीते 18 महीनों में बांग्लादेश में अल्पसंख्यक और उदारवादियों को निशाना बनाया जा रहा है जिसके लिए सरकार ने दो स्थानीय संगठनों को जिम्मेदार बताया है। साथ ही स्थानीय अधिकारी यह कहते आए हैं कि इन बांग्लादेशी आतंकी और इस्लामिक स्टेट के बीच किसी तरह का लिंक नहीं है। उधर इस्लामिक स्टेट ने शनिवार को पांच लड़ाकुओं की तस्वीर पोस्ट की जो इस संगठन के मुताबिक इस हमले में शामिल थे, लेकिन अभी तक इस दावे की पुष्टि नहीं हो पाई है।

पुलिस के मुताबिक ढाका हमले में 9 इताल्वी, सात जापानी, दो बांग्लादेशी, एक भारतीय और एक अमेरिकी नागरिक मारा गया है। हमले के बाद इटली की मीडिया ने कहा था कि मारे गए इताल्वी बांग्लादेश की गार्मेंट इंडस्ट्री में काम करते थे और इस हादसे के बाद बाहर देश से आए लोग यहां काम करने से कतराएंगें। बता दें कि बांग्लादेश का गार्मेंट सेक्टर करीब 2000 करोड़ डॉलर का है और यहां बनने वाले कपड़ों का करबी 80 प्रतिशत हिस्सा एक्सपोर्ट होता है। प्रधानमंत्री शेख़ हसीना ने दो दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है और कहा है कि आंतकवाद की चुनौती से लड़ने के लिए देश को एकजुट होना होगा।