मालिक अस्पताल में था भर्ती, रोज सुबह से शाम तक हॉस्पिटल के बाहर इंतजार करता रहा डॉगी

बुधवार को जब डॉगी का मालिक केमल सेंटर्क व्हील चेयर पर अस्पताल के गेट से बाहर निकला तब बोनकुक उसे देखकर उनके साथ वापस घर चला गया. जैसे ही व्हीलचेयर पर केमल आए, डॉगी दौड़कर उसके पीछे-पीछे भागने लगा और अपना प्यार जताने लगा.

मालिक अस्पताल में था भर्ती, रोज सुबह से शाम तक हॉस्पिटल के बाहर इंतजार करता रहा डॉगी

तुर्की की यह स्नेहिल घटना 2009 की फिल्म '' हची: ए डॉग्स टेल '' से मिलता जुलती है.

इस्तांबुल:

उत्तरी तुर्की के एक अस्पताल के बाहर का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक डॉगी रोज सुबह से शाम अस्पताल के गेट पर आकर अपने मालिक के स्वस्थ होने का इंतजार करता दिख रहा है. यह वीडियो, उस पालतू कुत्ते और उसके मालिक के बीच के मजबूत बंधन का एक आदर्श उदाहरण पेश कर रहा है. अस्पताल के अंदर मालिक का इलाज कई दिनों से चल रहा था और रोज सुबह डॉगी उसे देखने अस्पताल के गेट पर आकर बैठ जाता है. 

CBS न्यूज ने अपने ट्विटर हैंडल पर इस वीडियो को साझा किया है. डॉगी का नाम बोनकुक है जिसका मालिक केमल सेंटर्क है. उस डॉगी को वीडियो में अस्पताल के गेट के बाहर बैठा हुआ देखा जा सकता है, जो अपने मालिक के अस्पताल से डिस्चार्ज होने के इंतजार कर रहा है.

CBS न्यूज ने लिखा है, "जब से उसके प्यारे मालिक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, यह डॉगी हर दिन अस्पताल आता है और बाहर गेट पर बैठ जाता है और अपने मालिको को देखने के लिए इंतजार करता है."

अस्पताल के बाहर डॉगी को इंतजार करता देख केमल सेंटर्क का परिवार उसे घर ले गया लेकिन वह फिर भागकर अस्पताल के गेट पर आ गया. न्यूज एजेंसी DHA के मुताबिक अस्पताल के गार्ड ने कहा कि वह रोज देखता है कि यह डॉगी सुबह अस्पताल के गेट पर आकर बैठ जाता है. अपने मालिक को देखने का इंतजार करता है और फिर शाम में वापस चला जाता है.


बुधवार को जब डॉगी का मालिक केमल सेंटर्क व्हील चेयर पर अस्पताल के गेट से बाहर निकला तब बोनकुक उसे देखकर उनके साथ वापस घर चला गया. जैसे ही व्हीलचेयर पर केमल आए, डॉगी दौड़कर उसके पीछे-पीछे भागने लगा और अपना प्यार जताने लगा.

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तुर्की की यह स्नेहिल घटना 2009 की फिल्म '' हची: ए डॉग्स टेल '' से मिलता जुलती है. उस फिल्म में एक जापानी डॉगी 'अकिता' के वास्तविक जीवन की कहानी बताई गई है, जो अपने मालिक की मौत के बाद नौ साल तक एक ट्रेन स्टेशन के बाहर इंतजार करता रहा था.