NDTV Khabar

डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलान, यरुशलम को इस्राइल की राजधानी के तौर पर मान्यता दी, अरब मुल्कों के नेताओं ने जताया विरोध

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यरुशलम को इस्राइल की राजधानी के तौर पर मान्यता दे दी है. ट्रंप ने 2016 में अपने चुनाव अभियान के दौरान इसका वादा किया था.

820 Shares
ईमेल करें
टिप्पणियां
डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलान, यरुशलम को इस्राइल की राजधानी के तौर पर मान्यता दी, अरब मुल्कों के नेताओं ने जताया विरोध

यरुशलम के बारे में व्हाइट हाउस में बयान जारी करते डोनाल्ड ट्रंप

वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यरुशलम को इस्राइल की राजधानी के तौर पर मान्यता दे दी है. ट्रंप ने 2016 में अपने चुनाव अभियान के दौरान इसका वादा किया था. कई अरब देशों के नेताओं ने ट्रंप प्रशासन के इस फैसले से पहले से ही संवदेनशील पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की चेतावनी दी है. अरब नेताओं ने चेताया कि इस फैसले से पश्चिम एशिया और दूसरी जगहों पर व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू हो सकते हैं. ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सरकार यरुशलम को इस्राइल की राजधानी के तौर पर मान्यता देती है. अमेरिका इसे ऐतिहासिक वास्तविकता को पहचान देने के तौर पर देखता है. ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियो ने कहा कि यरुशलम प्राचीन काल से यहूदी लोगों की राजधानी रहा है और आज की वास्तविकता यह है कि यह शहर सरकार, महत्वपूर्ण मंत्रालयों, इसकी विधायिका, सुप्रीम कोर्ट का केंद्र है.' एक दूसरे वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह कदम उठाने के साथ ट्रंप ने अपना एक प्रमुख चुनावी वादा पूरा किया है. पूर्व में राष्ट्रपति चुनाव के कई उम्मीदवार यह वादा कर चुके हैं.

यरुशलम को इजराइल की राजधानी के तौर पर मान्यता देने पर फ्रांस के राष्ट्रपति ने ट्रंप से जताई चिंता

अपने बयान में ट्रंप ने तेल अवीव से अमेरिकी दूतावास को यरुशलम स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए विदेश मंत्रालय को आदेश भी दिया. हालांकि अधिकारी ने कहा कि इस कदम से इस्राइल-फलीस्तीन के द्विराष्ट्र संबंधी समाधान पर असर पड़ने की संभावना नहीं है. सऊदी अरब के शाह सलमान और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतेह अल-सिसी ने ट्रंप प्रशासन के इस फैसले को लेकर चेतावनी दी है. सलमान ने इसे एक खतरनाक कदम बताते हुए आगाह किया कि इससे दुनिया भर में मुस्लिमों की भावनाएं भड़केंगी. वहीं सिसी ने कहा कि इससे स्थिति जटिल हो जाएगी और पश्चिम एशिया में शांति की संभावनाएं खतरे में पड़ जाएंगी.

भारतीय मूल की ब्रिटिश मंत्री ने इस्राइल यात्रा पर विवाद के बाद दिया इस्तीफा

ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने ट्रंप की योजना की आलोचना करते हुए कहा कि यह गलत, अवैध, भड़काऊ और बेहद खतरनाक है. जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय ने कहा कि यरूशलम पूरे पश्चिम एशिया की स्थिरता के लिहाज से महत्वपूर्ण है.

VIDEO : ट्रंप के नेतृत्व में क्या बदलाव आएगा अमेरिका नीतियों में?
पोप फ्रांसिस ने भी इस कदम को लेकर गंभीर चिंता जताई और संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों के अनुरूप शहर की यथास्थिति का सम्मान करने की प्रतिबद्धता जताने की अपील की. हालांकि यरूशलम में एक कार्यक्रम में शामिल हुए इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप की घोषणा पर कोई टिप्पणी नहीं की.


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement