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डोनाल्ड ट्रंप की सउदी अरब यात्रा: एजेंडे में कट्टरपंथी इस्लाम से लड़ने का मामला शामिल

 उन्होंने ट्रंप की यात्रा संबंधी जानकारी देते हुए कहा, ‘इस भाषण का मकसद संपूर्ण सभ्यता के साझे दुश्मनों के खिलाफ व्यापक मुस्लिम जगत को एकजुट करना और हमारे मुसलमान साझेदारों के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धता को दर्शाना होगा.’

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डोनाल्ड ट्रंप की सउदी अरब यात्रा: एजेंडे में कट्टरपंथी इस्लाम से लड़ने का मामला शामिल

डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर

खास बातें

  1. 50 से अधिक मुस्लिम देशों के नेताओं से मुलाकात करेंगे : ट्रंप
  2. अमेरिका और सउदी अरब की सुरक्षा एवं आर्थिक सहयोग को और मजबूत करेंगे
  3. ट्रंप और खाड़ी सहयोग परिषद के सदस्यों के बीच द्विपक्षीय बैठक भी होगी
वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस सप्ताह बाद में सउदी अरब की यात्रा के साथ राष्ट्रपति के रूप में अपनी पहली विदेश यात्रा शुरू करेंगे जहां वह इस्लाम की उन धाराओं से संघर्ष करने की जरूरत पर जोर देंगे जो कट्टरपंथ को बढ़ावा देती हैं. अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एच आर मैकमास्टर ने कहा, ‘वह 50 से अधिक मुस्लिम देशों के नेताओं से मुलाकात करेंगे और दोपहर का भोजन उनके साथ करेंगे. वह वहां कट्टरपथी विचारधारा से निपटने की आवश्यकता एवं अपनी उम्मीदों पर प्रत्यक्ष और प्रेरणादायक भाषण देंगे. राष्ट्रपति उम्मीद करते हैं कि विश्वभर में इस्लाम धर्म को मानने वाले लोग इसके शांतिप्रिय रूप को अपनाएंगे.’ उन्होंने ट्रंप की यात्रा संबंधी जानकारी देते हुए कहा, ‘इस भाषण का मकसद संपूर्ण सभ्यता के साझे दुश्मनों के खिलाफ व्यापक मुस्लिम जगत को एकजुट करना और हमारे मुसलमान साझेदारों के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धता को दर्शाना होगा.’ सउदी शाह सलमान अमेरिका के राष्ट्रपति का स्वागत करेंगे.

मैकमास्टर ने कहा कि ट्रंप कई समझौतों पर हस्ताक्षर करने के लिए आयोजित एक समारोह में भाग लेंगे. ये समझौते अमेरिका और सउदी अरब की सुरक्षा एवं आर्थिक सहयोग को और मजबूत करेंगे. राष्ट्रपति और प्रथम महिला सउदी शाही परिवार के सदस्यों के साथ एक अधिकारिक रात्रिभोज भी करेंगे. उन्होंने कहा कि इस दौरान ट्रंप और खाड़ी सहयोग परिषद के सदस्यों के बीच द्विपक्षीय बैठक भी होगी. ट्रंप खाड़ी देशों के नेताओं के साथ भी बैठक करेंगे.

ट्रंप कट्टरवाद का मुकाबला करने और संयम को प्रोत्साहित करने के इरादे से बनाए गए एक केंद्र का भी उद्घाटन करेंगे.
एनएसए ने कहा, ‘इस केंद्र को स्थापित और शुरू करके, सउदी अरब समेत हमारे मुस्लिम मित्र अतिवाद और उन लोगों के खिलाफ कड़ा रख अपना रहे हैं जो अपने आपराधिक एवं राजनीतिक एजेंडों को पूरा करने के लिए धर्म की गलत व्याख्या करते हैं.’ 

ट्रंप सउदी अरब से यरूशलम जाएंगे जहां वह इस्राइल के राष्ट्रपति रूवन रिवलिन और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात करेंगे और याद वाशेम में श्रद्धांजलि देंगे. इससे अगले दिन वह बेथलेहम में फलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास से मुलाकात करेंगे और क्षेत्र में संघर्ष को समाप्त करने के लिए समझौता करने में अमेरिका की दिलचस्पी की चर्चा करेंगे. मैकमास्टर ने कहा, ‘वह फलस्तीनी नेताओं से अपील करेंगे कि वे शांति स्थापित करने में मददगार कदम उठाए. वह चर्च ऑफ होली सेपुलचर जाएंगे और ‘वेस्टर्न वाल’में प्रार्थना करेंगे.’ ट्रंप का अगला पड़ाव रोम और वेटिकन होगा जहां वह पोप से मुलाकात करेंगे.

उन्होंने कहा, ‘वह अमेरिका और विश्व में कैथोलिक समुदाय के समृद्ध योगदान को याद करना और साझी चिंता के मामलों पर चर्चा करना चाहते हैं.’ ट्रंप रोम से ब्रसेल्स जाएंगे जहां वह यूरोपीय संघ एवं यूरोपीय परिषद के नेताओं से मुलाकात करेंगे.
ट्रंप ब्रसेल्स से जी 7 बैठक के लिए सिसिली जाएंगे. मैकमास्टर ने कहा, ‘इस शिखर सम्मेलन के दौरान वह इटली के प्रधानमंत्री समेत कई नेताओं से द्विपक्षीय मुलाकात करेगे. वह औपचारिक बैठकों में अमेरिका के आर्थिक एजेंडे पर बल देंगे और सुरक्षा सहयोग बढ़ाए जाने की वकालत करेंगे.’ वह शिखर सम्मेलन की पहली रात में एक कंसर्ट में शामिल होंगे जहां ला स्काला फिलहारमोनिक ऑर्केस्ट्रा प्रस्तुति देगा. इसके बाद वह इटली के राष्ट्रपति की ओर से नेताओं के लिए आयोजित रात्रिभोज में शामिल होंगे.


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