पेरिस पर्यावरण समझौते में हमारा खर्चा पहले, भारत-चीन का बाद में, ये तो ठीक नहीं : ट्रंप प्रशासन

पेरिस पर्यावरण समझौते में हमारा खर्चा पहले, भारत-चीन का बाद में, ये तो ठीक नहीं : ट्रंप प्रशासन

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

वाशिंगटन:

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने कहा है कि पेरिस में हुआ पर्यावरण समझौता अमेरिका के लिए ठीक नहीं है. प्रशासन का कहना है कि इस समझौते में अमेरिका के लिए लागत पहले पड़ रही है जबकि भारत और चीन जैसे देशों के लिए बाद में लागत का प्रावधान है. इसका अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ेगा. अमेरिका की पर्यावरण सुरक्षा एजेंसी (ईपीए) के प्रशासक स्कॉट प्रुइट्ट के हवाले से फॉक्स न्यूज ने रविवार को कहा, पेरिस में जो समझौता हुआ वह इस देश के लिए ठीक नहीं है. हमें इसमें शुरुआती दौर में ही खर्च करना है जबकि चीन और भारत का खर्च बाद में होगा. इससे हमारी अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ेगा.

प्रुइट्ट ने हालांकि जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ जुड़े रहने की बात कही है. उन्होंने कहा, अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ जुड़े रहना महत्वपूर्ण है. इस मुद्दे :जलवायु परिवर्तन: पर भारत, चीन तथा अन्य देशों के साथ जिस नेतृत्व का प्रदर्शन हुआ है वह काफी महत्वपूर्ण है. जो विचार-विमर्श हुए हैं उन पर आगे काम होना चाहिए. उन्होंने कहा कि भारत और चीन को पेरिस समझौते से लाभ हुआ है. प्रुइट्ट ने कहा, आप यदि पेरिस समझौते को देखें तो इसमें चीन और भारत को कार्बन डाई-आक्साइड :सीओ2: कम करने के लिये 2030 तक कोई कदम नहीं उठाना है. ईपीए प्रशासक के मुताबिक-ट्रंप प्रशासन ने अपने कदमों के जरिये जलवायु परिवर्तन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दिखाया है.

(इनपुट्स भाषा से)

 
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