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F-16 से भारत को सबसे बड़े फाइटर एयरक्राफ्ट इकोसिस्‍टम के केंद्र में रहने का मौका मिला: लॉकहीड

अमेरिका की प्रमुख रक्षा कंपनी ने कहा कि एफ-16 विमान भारत को दुनिया के सबसे बड़े लड़ाकू विमान तंत्र के केंद्र में रहने का अनूठा अवसर प्रदान करता है.

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F-16 से भारत को सबसे बड़े फाइटर एयरक्राफ्ट इकोसिस्‍टम के केंद्र में रहने का मौका मिला: लॉकहीड

F-16 लड़ाकू जहाज की फाइल फोटो

खास बातें

  1. 'भारत को सबसे बड़े फाइटर एयरक्राफ्ट के केंद्र में रहने का मौका मिला'
  2. 'एफ-16 ‘ मेक इन इंडिया’ की प्राथमिकताओं को पूरा करने वाला कार्यक्रम है'
  3. 'भारत को ध्यान में रखकर भारत में लड़ाकू विमान का उत्पादन विशिष्ट होगा'
वॉशिंगटन:

अमेरिका की प्रमुख रक्षा कंपनी ने कहा कि एफ-16 विमान भारत को दुनिया के सबसे बड़े लड़ाकू विमान तंत्र के केंद्र में रहने का अनूठा अवसर प्रदान करता है. एफ-16 भारत की परिचालन जरूरतों और‘ मेक इन इंडिया’ की प्राथमिकताओं को पूरा करने वाला कार्यक्रम है. लॉकहीड मार्टिन के उपाध्यक्ष( रणनीति और कारोबार विकास) विवेक लाल ने कहा, ‘हम अंतरराष्‍ट्रीय फाइटर एयरक्राफ्ट मैन्‍युफैक्‍च्‍रिंग की डिक्‍शनरी में दो नए शब्‍द भारत और एक्‍सक्‍लूसिव डालने की योजना बना रहे हैं.‘ लाल ने आगे कहा, F-16 से भारत को दुनिया के सबसे बड़े फाइटर एयरक्राफ्ट इकोसिस्‍टम के केंद्र में आने का अनोखा मौका मिला है.‘

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उन्होंने कहा, ‘भारत को ध्यान में रखकर भारत में लड़ाकू विमान का उत्पादन विशिष्ट होगा, कुछ ऐसा जो अभी तक किसी भी लड़ाकू विमान निर्माता ने प्रस्तुत नहीं किया होगा.’ उनके अनुसार, भारत केंद्रित लड़ाकू विमान के कार्यक्रम का आकार तथा इसकी संभावना व सफलता भारतीय उद्योग को अप्रत्याशित विनिर्माण का फायदा उठाने का मौका देगा. लाल ने कहा, ‘हम एसेंबली लाइन से कहीं अधिक बनाने को इच्छुक हैं.’ लाल ने दावा किया कि चौथी पीढ़ी का लड़ाकू विमान बनाने वाली कोई भी कंपनी लॉकहीड के युद्धक अनुभव तथा परिचालन दक्षता के आस-पास नहीं है.


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उन्होंने कहा, ‘भारत को जिस लड़ाकू विमान की पेशकश की जा रही है वह सर्वश्रेष्ठ लड़ाकू विमान है.’ उन्होंने कहा कि एफ-16 के तीनों संस्करण एक इंजन वाले हैं. लाल ने कहा कि भारत केंद्रित प्रस्तावित परियोजना में इस्तेमाल की जाने वाली अधिकांश प्रणालियां एफ-22 और एफ-35 से सीखी गयी बातों पर आधारित होंगी. हालांकि, लाल ने एफ-35 पर बयान देने से इंकार कर दिया. 

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उल्‍लेखनीय है कि यूएस पैसिफिक कमांड कमांडर एडमिरल हैरी हैरिस ने भारत एफ-35 बेचने का समर्थन किया. भारत F-16 लड़ाकू विमानों को दुनिया के अन्य देशों को भी निर्यात कर सकता है. दुनिया के 26 देश 3,200 F-16 लड़ाकू विमानों का प्रयोग करते हैं.


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