15 साल में बूढ़ी दिखने लगी थी लड़की, इस बीमारी से हुआ ये हाल, अब दिखने लगी जवान

इस लड़की शाओ फेंग की उम्र 15 साल है, लेकिन वो लगती 60 साल की है. वह प्रोगेरिया से पीड़ित है. 29 दिसंबर को इस लड़की की 10 सर्जरी की गईं. इस लड़की का ऑपरेशन करने वाली डॉक्टर शी लिंग्ज़ी के मुताबिक, 'सर्जन ने लड़की के चेहरे से 2.7 इंच मोटी स्किन को निकाला है, तब जाकर यह रिज़ल्ट मिला.

15 साल में बूढ़ी दिखने लगी थी लड़की, इस बीमारी से हुआ ये हाल, अब दिखने लगी जवान

15 साल की उम्र में 60 साल की दिखने लगी थी ये लड़की...

चीन:

आपने अभी तक प्लास्टिक सर्जरी से चेहरे के फीचर्स को ठीक करवाने के बारे में ही सुना होगा. जैसे कई एक्ट्रेसेज़ अपनी नोज़ जॉब, लिप जॉब या फिर होंठों को अपनी मनपसंद शेप में लाती रही हैं. लेकिन चीन की एक 15 साल की लड़की की ये सर्जरी देख आप खुद हैरान रह जाएंगे. इस तस्वीर में एक तरफ आपको बुजुर्ग महिला और दूसरी तरफ एक स्कूल में पढ़ने वाली लड़की नज़र आ रही है. आपको बता दें, ये दोनों एक ही हैं.  

दरअसल, इस लड़की शाओ फेंग की उम्र 15 साल है, लेकिन वो लगती 60 साल की है. वह प्रोगेरिया से पीड़ित है. 29 दिसंबर को इस लड़की की 10 सर्जरी की गईं. इस लड़की का ऑपरेशन करने वाली डॉक्टर शी लिंग्ज़ी के मुताबिक, 'सर्जन ने लड़की के चेहरे से 2.7 इंच मोटी स्किन को निकाला है, तब जाकर यह रिज़ल्ट मिला.'

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अपनी मां के साथ लड़की

डॉ. ने आगे बताया, 'हमने शाओ फेंग के सभी मेडिकल बिल्स को कैंसल कर दिया है, जिसका कुछ 5 लाख यान (52 लाख रुपये) था. एक संस्था ने शाओ की मदद के लिए फंड भी जमा किए. हम चाहते हैं कि अब इन फंड्स का इस्तेमाल शायो अपनी पढ़ाई और रिकवरी में लगाए.'

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वहीं, शाओ फेंग भी अपनी सर्जरी को लेकर काफी खुश है. उसके पिता ने बताया, 'जब वो एक साल की थी, तभी से उसकी स्किन लटकने लगी. स्कूल में उसे नए दोस्त बनाने में डर लगता था. पहले उससे स्कूल में कोई बात नहीं करता था. उसका कोई दोस्त नहीं था. वो बहुत चुपचुप रहती थी. बाकि लड़कियों की ही तरह वो मेकअप करना चाहती थी. अब वो सबकुछ कर सकती है. हम सभी बहुत खुश हैं.'

क्या होता है प्रोगेरिया? (What is Progeria?)
प्रोगेरिया एक रेयर जेनेटिक कंडीशन है, जिसकी वजह से शरीर तेज़ी से बूढ़ा होता है. ये बीमारी पर बॉलीवुड में फिल्म 'पा' भी बन चुकी है. इस बीमारी से पीड़ित ज्यादातर बच्चे 13 साल की उम्र के बाद जीवित नहीं रहते. ये बीमारी लड़के और लड़की दोनों को होती हैं. 40 लाख में से एक बच्चा इस बीमारी से पीड़ित जरूर होता है. इस बीमारी से पीड़ित ज्यादातर लोगों की मौतें स्ट्रोक से होती हैं.