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Kartarpur Sahib पर पाक विदेश मंत्रालय का बयान, कहा - भारतीय तीर्थयात्रियों को पासपोर्ट लाने की जरुरत नहीं

करतारपुर गलियारा भारत के पंजाब स्थित डेरा बाबा नानक को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नारोवाल जिले में स्थित करतारपुर के दरबार साहिब से जोड़ेगा. यह गुरुद्वारा अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.

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Kartarpur Sahib पर पाक विदेश मंत्रालय का बयान, कहा - भारतीय तीर्थयात्रियों को पासपोर्ट लाने की जरुरत नहीं

9 नवंबर और 12 नवंबर को जो अतिरिक्त लोग आएंगे उनसे 20 डॉलर की फ़ीस नहीं ली जाएगी...

इस्लामाबाद:

पाक विदेश मंत्रालय की ओर से बयान आया है कि भारतीय तीर्थयात्रियों को पासपोर्ट साथ लाने की ज़रूरत नहीं. भारत की तरफ से एडवांस लिस्ट शेयर करने की भी जरुरत नहीं. इसके साथ ही 9 नवंबर और 12 नवंबर को जो अतिरिक्त लोग आएंगे उनसे 20 डॉलर की फीस नहीं ली जाएगी.

इससे कुछ ही दिन पहले प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने घोषणा की थी कि भारतीय श्रद्धालुओं को पवित्र गुरुद्वारा दरबार साहिब (Gurdwara Darbar Sahib) आने के लिए महज एक वैध पहचान-पत्र की जरुरत होगी.

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर की इस टिप्पणी से एक दिन पहले ही भारत ने पाकिस्तान से यह स्पष्ट करने को कहा था कि करतारपुर स्थित गलियारा जाने के लिए सिख श्रद्धालुओं को पासपोर्ट की जरुरत होगी या नहीं.

प्रधानमंत्री इमरान खान, भारतीय सिख श्रद्धालुओं को गुरुद्वारा दरबार साहिब तक बिना वीजा पहुंच देने वाले करतारपुर गलियारे का उद्घाटन शनिवार को करेंगे. यह गलियारा सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव की 550वीं जयंती (Guru Nanak Dev 550th Birth Anniversary) के उपलक्ष्य में इस हफ्ते खोला जा रहा है.


डॉन न्यूज ने ‘हम' समाचार चैनल के हवाले से बताया कि मेजर जनरल गफूर ने कहा कि भारतीय सिख श्रद्धालुओं को करतारपुर गलियारे का प्रयोग करने के लिए पासपोर्ट दिखाना जरूरी होगा. गफूर ने कहा, “सुरक्षा कारणों से, प्रवेश पासपोर्ट आधारित पहचान पर मिली अनुमति के तहत कानूनी तरीके से दिया जाएगा. सुरक्षा एवं संप्रभुता से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा.”

भारत ने पाकिस्तान से यह साफ करने को कहा था कि करतारपुर साहिब जाने के लिए पासपोर्ट की जरुरत होगी या नहीं.
एक नवंबर को, प्रधानमंत्री खान ने करतापुर गलियारे का निर्माण पूरा होने की ट्विटर पर घोषणा करते हुए कहा था कि उन्होंने दो शर्तों को माफ कर दिया है. इनमें से एक पासपोर्ट से जुड़ी शर्त थी जबकि दूसरी शर्त भारत से करतारपुर तीर्थयात्रा पर आने वाले सिखों द्वारा 10 दिन पहले पंजीकरण कराने से जुड़ी थी.

उन्होंने कहा था कि भारत के सिख श्रद्धालुओं को करतारपुर आने के लिए पासपोर्ट की नहीं बल्कि एक वैध पहचान-पत्र की जरूरत होगी. इसके अलावा उद्घाटन समारोह के लिए आने वाले और 12 नवंबर को सिख गुरु की 550वीं जयंती के मौके पर आने वाले श्रद्धालुओं से 20 डॉलर का सेवा शुल्क भी नहीं वसूला जाएगा.

करतारपुर गलियारा भारत के पंजाब स्थित डेरा बाबा नानक को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नारोवाल जिले में स्थित करतारपुर के दरबार साहिब से जोड़ेगा. यह गुरुद्वारा अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.

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