करजई का निवेश पर जोर, मनमोहन ने किया विकास में सहयोग का वादा

करजई का निवेश पर जोर, मनमोहन ने किया विकास में सहयोग का वादा

खास बातें

  • प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सोमवार को अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई को भारत का घनिष्ठ मित्र और द्विपक्षीय सम्बंधों का प्रबल समर्थक बताया।
नई दिल्ली:

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सोमवार को अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई को भारत का घनिष्ठ मित्र और द्विपक्षीय सम्बंधों का प्रबल समर्थक बताया। साथ ही प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों ने एक स्थिर, मजबूत, एकजुट, सम्प्रभु और समृद्ध अफगानिस्तान का अपना साझा दृष्टिकोण दोहराया है। इस दौरान करजई ने भारतीय व्यवसायियों को अपने देश में निवेश करने का आमंत्रण दिया और कहा कि उनका देश अपने भविष्य को लेकर अब अपेक्षाकृत अधिक आश्वस्त है।

मनमोहन सिंह ने करजई के साथ यहां एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी बातचीत में बीते वर्ष में हुए रणनीतिक साझेदारी समझौते के क्रियान्वयन में हुई प्रगति की समीक्षा की और समझौते में निर्धारित दृष्टिकोण के अनुसार सहयोग बढ़ाने पर बचनबद्धता दोहराई।

मनमोहन ने कहा कि दोनों नेताओं ने "एक रणनीतिक आर्थिक साझेदारी विकसित करने की आवश्यकता पर चर्चा की, जो हमारे आपसी लाभ के आर्थिक सहयोग पर विकसित होगा।"

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति करजई से यह भी कहा, "हमें विश्वास है कि अफगानिस्तान का क्षेत्रीय आर्थिक जुड़ाव इस पूरे क्षेत्र की समृद्धि और स्थिरता में योगदान करेगा।"

मनमोहन ने कहा कि भारत, अफगानिस्तान के विकास प्रयासों में मदद करने के लिए बचनबद्ध है। भारत की ओर से अफगानिस्तान को विकास सहायता के रूप में दो अरब डॉलर की राशि का बचन दिया गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा, "हमने क्षमता निर्माण, संस्थान निर्माण और मानव संसाधन विकास के अपने कार्यक्रम मुहैया कराए हैं। आज सहमति पत्र पर हस्ताक्षर होने के बाद हम अफगानिस्तान के लोगों की सामाजिक-आर्थिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए लघु विकास परियोजनाओं का तीसरा चरण शुरू करेंगे।"

दोनों पक्षों ने अफगानिस्तान में और अफगानिस्तान के चारों ओर सुरक्षा और राजनीतिक हालात में हुए बदलाव पर भी चर्चा की।
प्रधानमंत्री ने कहा, "मैंने राष्ट्रपति करजई के समक्ष अपना यह विश्वास जाहिर किया कि पड़ोस से पैदा होने वाले आतंकवाद से मुकाबला करने सहित सभी पहलुओं में सतत अंतरराष्ट्रीय मदद और सहयोग से अफगानिस्तान को इन चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी। राष्ट्रपति करजई का खुद का प्रबुद्ध नेतृत्व इस प्रयास में एक बड़ी भूमिका निभाएगा।"

प्रधानमंत्री ने कहा, "मुझे विश्वास है कि राष्ट्रपति करजई का मौजूदा दौरा हमारे दोनों देशों के बीच शानदार रिश्ते को और मजबूत बनाएगा। मैं एक बार फिर राष्ट्रपति करजई को अपनी निजी शुभकामनाएं देता हूं, क्योंकि वह एक चुनौतीपूर्ण समय में अपने देश का नेतृत्व कर रहे हैं। मैं उन्हें आश्वस्त करना चाहता हूं कि भारत उनके और अफगानिस्तान के लोगों के साथ खड़ा है।"

करजई रविवार शाम दिल्ली पहुंचे। इसके पहले वह नौ नवम्बर को मुम्बई पहुंचे थे।

चार समझौतों पर हस्ताक्षर :

भारत और अफगानिस्तान ने सोमवार को समाज कल्याण, उर्वरक, कोयला खनन और युवा मामलों में सहयोग के लिए चार समझौतों पर हस्ताक्षर किए। यह जानकारी एक अधिकारी ने यहां दी।

विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद और अफगानिस्तान के विदेश मंत्री जलमई रसूल ने एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत भारत लघु इकाइयों, सामुदायिक संगठनों, चैरिटेबल ट्रस्टों और शैक्षिक संस्थाओं के माध्यम से लघु विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन हेतु अफगानिस्तान को अनुदान मुहैया कराएगा।

दूसरे सहमति पत्र पर हस्ताक्षर खुर्शीद और अफगानिस्तान के खान मंत्री वहीदुल्ला शाहरानी ने किया। यह समझौता ऊर्वरक क्षेत्र से सम्बंधित है। तीसरे सहमति पत्र पर हस्ताक्षर खुर्शीद और अफगानिस्तान के सूचना एवं संस्कृति मंत्री सैयद मखदूम रहीनिस ने किया, जो युवा मामलों में सहयोग पर लक्षित है।

कोयला संसाधनों के विकास से सम्बंधित सहमति पत्र पर हस्ताक्षर केंद्रीय कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल और अफगानिस्तान के खान मंत्री वहीदुल्ला शाहरानी ने किया।

करजई ने किया भारतीय निवेशकों का अफगानिस्तान में स्वागत :

हामिद करजई ने भारतीय व्यवसायियों को अपने देश में निवेश करने का आमंत्रण देते हुए कहा कि उनका देश अपने भविष्य को लेकर अब अपेक्षाकृत अधिक आश्वस्त है।

करजई ने यहां कहा, "इस बार के मेरे दौरे का खास उद्देश्य व्यवसाय के लिए वार्ता करना और भारतीय व्यवसायियों से यह अनुरोध करने को लेकर है कि वे अफगानिस्तान आएं और वहां निवेश करें।"

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भारत और अफगानिस्तान के बीच शिक्षा सहित चार समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के बाद उन्होंने कहा, "अफगानिस्तान में निवेश की सम्भावना आज कहीं अधिक है और यह अपने मित्रों से निवेश प्राप्त करने का इच्छुक है।"

अफगानिस्तान में पुनर्निर्माण तथा विकास के कार्यो के लिए भारत की प्रशंसा करते हुए करजई ने कहा, "भारतीय विशेषज्ञ अफगानिस्तान में पुनर्निर्माण के कार्य में जुटे हैं। भारत ने हमारे देश में करीब दो अरब डॉलर का विकास कार्य किया है। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक विकास तथा रक्षा शामिल है।" उन्होंने कहा, "अफगानिस्तान की सरकार भारत के लोगों के प्रति गहरी कृतज्ञता जताती है, जिन्होंने पिछले कई वर्षो में अफगानिस्तान में भरोसा दिखाया है।" उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह बड़ी हस्ती हैं। अफगानिस्तान के लोगों को मजबूत बनाने तथा प्रोत्साहित करने में उनका महत्वूपर्ण योगदान है।"