"वो आ रहा है, मैं मर जाऊंगा" ओरलैंडो हमले के पीड़ित ने मां को भेजा संदेश

ओरलैंडो:

मीना जस्टिस गहरी नींद में सो रहीं थी जब उन्हें अपने बेटे, एडी जस्टिस का पहला संदेश मिला। एडी उस वक्त पल्स नाइटक्लब में मौजूद था जब ओरलैंडो के क्लब पर हमला हुआ और 50 लोगों से भी ज्यादा के घायल हो जाने के साथ 50 लोग मारे भी गए। 

मीना की उनके 30 साल के लड़के के साथ संदेशों में हुई बातचीत इस प्रकार थी।
सुबह 2:06 पर आए पहले संदेश में लिखा था -

 "मां मै तुमसे प्यार करता हूं"  

"क्लब में वो गोली चला रहे हैं "

मीना जस्टिस ने अपने लड़के को फोन लगाने की कोशिश की तो कोई जवाब नहीं आया। आधी नींद में घबराकर मीना जागीं और उन्होंने जवाब दिया -

"तुम ठीक हो?"

 2:07 पर एडी ने लिखा -
"मैं बाथरूम में फंसा हूं"

मीने के ये पूछने पर कि कौन सा क्लब उसने जवाब दिया -

"पल्स। पुलिस का बुलाइए"

फिर 2:08 पर उसने लिखा
"मैं  मर जाऊंगा"

मीना जो अब पूरी तरह से जाग गईं थीं, ने 911 नंबर डायल किया। उसने फिर कई मिनट तक बहुत सारे संदेश भेजे।

'मैने उनको फोन कर दिया है'
'क्या तुम अब भी वहीं हो'
'हमारे फोन का जवाब तो दो'
'हमे कॉल करो'

911 पर फोन सुनने वाला शायद और जानकारी चाहता था लेकिन मीना को पता नहीं था कि उनका लड़का किस खतरे में है। उनका लड़का घर में रहना पसंद करता था। अपने काम और खाने से मतलब रखता था। वह सभी को हंसाना पसंद करता था। ओरलैंडो शहर में ही अकाउंटेंट के तौर पर काम करता था। मीना जानतीं थीं कि उनका बेटा गे था और इससे जुड़ी जटिलताओं से भी वह वाकिफ थी।

मीना बहुत ही घबरा गईं और बेटे के अगले संदेश का इंतजार करने लगीं। 2:39 पर उसने जवाब दिया।

"उन्हें बुलाइए मम्मी, अभी"

उसने लिखा था कि वह बाथरूम में है।

"वो आ रहा है और मैं मर जाउंगा"

मीना ने उससे पूछा कि क्या कोई आहत हुआ है? और वह किस बाथरूम में है।

2:42 पर जवाब आया
"बहुत से लोग। हां।"

जब उसने आगे जवाब नहीं दिया तो मीना ने बहुत से संदेश फिर भेजे -
'क्या पुलिस आ गई है'
'मुझे टैक्स्ट करो'

चार मिनट में एडी ने जवाब दिया।
"नहीं। बाथरूम में ही हूं। पुलिस को हमें छुड़ाने आना होगा।"

 2:49 पर मीना ने उसे बताया कि पुलिस आ चुकी है और जैसे ही पुलिस को देखे तो उसे जरूर बताए।

"जल्दी करो वह हमारे साथ बाथरूम में है।

मीना ने पूछा, क्या वो आदमी भी बाथरूम में ही है?"

2:50 पर
"वह एक दहशत है"

एक मिनट बाद मीना के लड़के का आखिरी संदेश था -
"हां"

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इस संदेश के पंद्रह घंटे बाद भी जस्टिस मीना को अपने बेटे की कोई खबर नहीं मिली। वह और उसके जैसे करीब एक दर्जन परिवार एक होटल में ठहरे हैं और अपने रिश्तेदारों की किसी खबर का इंतजार कर रहे हैं।

"उसकी कोई भी खबर नहीं आई है और यह बहुत डराने वाली बात है...मुझे बहुत घबराहट हो रही है।" अपने सीने पर हाथ रखे हुए मीना ने कहा।