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अंतरराष्‍ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र से जुड़े रूसी अंतरिक्षयान में हुए छेद को ऐसे भरा गया

पृथ्वी के निकटवर्ती कक्षा में स्थापित अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र (आईएसएस) से जुड़े रूसी अंतरिक्षयान में हुए एक छोटे से छेद को भरने के लिए अंतरिक्ष यात्रियों को बृहस्पतिवार को काफी मशक्कत करनी पड़ी.

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अंतरराष्‍ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र से जुड़े रूसी अंतरिक्षयान में हुए छेद को ऐसे भरा गया

प्रतीकात्मक फोटे

केप कैनावरल: पृथ्वी के निकटवर्ती कक्षा में स्थापित अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र (आईएसएस) से जुड़े रूसी अंतरिक्षयान में हुए एक छोटे से छेद को भरने के लिए अंतरिक्ष यात्रियों को बृहस्पतिवार को काफी मशक्कत करनी पड़ी. इस छेद की वजह से आईएसएस से हवा का रिसाव अंतरिक्ष में हो रहा था. अंतरिक्ष एजेंसी नासा और रूस के अंतरिक्ष अधिकारियों ने इस बात पर खास जोर दिया कि अब वहां मौजूद छह अंतरक्षियात्रियों को कोई खतरा नहीं है. इस रिसाव के बारे में बुधवार रात को पता चला जो संभवत: किसी बेहद छोटे कण के आकार के उल्का के टकराने की वजह से शुरू हुआ था. केबिन में दबाव में कुछ कमी आने के बाद इसके बारे में पता चल सका. 

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सोयुज कैप्सूल (अंतरिक्षयान) में हुआ या यह छेद करीब दो मिलीमीटर का था. गुरुवार सुबह चालक दल के सदस्यों ने छेद पर पहले टेप लगाकर रिसाव को कम किया. बाद में दो रूसी अंतरिक्षयात्रियों ने एक कपड़े पर सीलेंट डालकर छेद पर रखा, जबकि उनके सहयोगियों ने जमीन पर मौजूद इंजीनियरों के लिए इसकी तस्वीरें उतारी. इस बीच यान नियंत्रकों ने कैबिन के दबाव पर नजर रखी और बेहतर स्थायी समाधान के लिए काम करते रहे. 

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अधिकारियों ने बताया कि मॉस्को के बाहर मिशन कंट्रोल ने अंतरिक्षयात्रियों को सीलेंट को रात भर सूखने के लिए छोड़ने को कहा और शुक्रवार को इस संबंध में और जांच की जाएगी. कामचलाऊ मरम्मत से फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है.


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