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अफगानिस्‍तान में 'सेक्‍स स्‍लेव' के ज़रिये जड़ें मजबूत करने में जुटा इस्लामिक स्टेट

'इस्लामिक स्टेट' सीरिया और इराक के बाद अपने नुकसान की भरपाई करने में लगा हुआ है.

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अफगानिस्‍तान में 'सेक्‍स स्‍लेव' के ज़रिये जड़ें मजबूत करने में जुटा इस्लामिक स्टेट

खास बातें

  1. सेक्स स्लेव के दम पर जड़ें जमा रहा इस्लामिक स्टेट
  2. लड़कियों को कर रहा है जबरन किडनैप
  3. अशिक्षित युवाओं को भर्ती करने में भी जुटा
नई दिल्ली: जब मोहम्मद शाह को यह एहसास हुआ कि वह अपने मंगेतर के पिता को पारंपरिक अफगानी शादी के लिए 1,5000 डॉलर नहीं दे पाएगा, तब उसे एक ऐसे ग्रुप का ख्याल जिसके उपर मदद का पूरा भरोसा था. वह ग्रुप था 'इस्लामिक स्टेट'. उत्तरी प्रांत के जोवजान के एक गांव के रहने वाले 23 वर्षीय मोहम्मद शाह ने करीब चार महीने पहले घर छोड़ दिया और आतंकवादी ग्रुप में शामिल हो गया. कुछ दिनों बाद ही उसने इस्लामिक स्टेट के अन्य आतंकियों के साथ अपनी मंगेतर के घर पर धावा बोलकर उसे बंदूक की जोर पर किडनैप कर लिया. बाद में एक मस्जिद में शादी कर ली. 

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शेबरघान में एक कमरे में अकेले जीवन गुजार रहे मोहम्मद शाह  के पिता कहते हैं कि, 'उसने जो किया मैं उससे कतई खुश नहीं हूं, मैंने उसके बारे में कुछ नहीं सुना है क्योंकि वह अब मेरा बेटा नहीं रहा'. इस वाकये से साफ-साफ जाहिर हो रहा है कि किस तरह 'इस्लामिक स्टेट' सीरिया और इराक के बाद अपने नुकसान की भरपाई करने में लगा हुआ है. अफगानी युवकों को उनकी वफादारी के बदले मदद के अलावा ग्रुप स्थानीय लोगों को धमका रहा है, स्कूल बंद करवा रहा है, दुश्मनों का सर धड़ से अलग कर रहा और महिलाओं-लड़कियों का 'सेक्स स्लेव' के लिए अपहरण कर रहा है. 

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इस्लामिक स्टेट के बर्बर हमले जारी 
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में 'इस्लामिक स्टेट' को काफी नुकसान पहुंचा है. लेकिन ग्रुप में अभी भी बर्बर हमले करने की क्षमता बची है. पिछले दिनों काबुल में हुए सीरियल ब्लास्ट की जिम्मेदारी इस्मालिक स्टेट ने ही ली थी. इन हमलों में 29 लोग मारे गए थे. ग्रुव गरीब ग्रामीणों की भर्ती में जोर-शोर से लगा हुआ है. इस्लामिक स्टेट के करीब 600 आतंकी अफगानी सुरक्षा बलों से लोहा ले रहे हैं और जोवजान में नए लोगों को ट्रेनिंग दे रहे हैं. आतंकियों में चीन, सूडान और फ्रांस जैसे देशों के 150 विदेशी भी हैं.

अशिक्षित युवकों को कर रहा है भर्ती 
इस्लामिक स्टेट ने दारजाब में ट्रेनिंग कैंप बना लिया है और अशिक्षित युवकों को भर्ती कर रहा है. अधिकतर 20 वर्ष से कम आयु के हैं. कोई अपनी गरीबी की वजह से ग्रुव को ज्वाइन कर रहा है तो कोई लालच या व्यक्तिगत स्वार्थ की वजह से. दारजाब में इस्लामिक स्टेट ने करीब 40 स्कूलों को या तो बंद करवा दिया या जला दिया है. घर-घर जाकर जोर-जबरदस्ती यह पता लगा रहा है कि उनके यहां कितनी लड़कियां हैं. वहीं, शेबरघान में बड़े पैमाने पर पलायन हो रहा है.

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सेक्स स्लेव के लिए लड़कियों का अपहरण 
पांच महीने पहले अपनी 2 लड़कियों के अपहरण के बाद पलायन करने वाले 48 वर्षीय मुबारक शाह 'ब्लूमबर्ग' से बातचीत में कहते हैं कि एक रात इस्लामिक स्टेट के आतंकियों ने मेरे घर पर धावा बोला. 16 और 18 वर्षीय बेटियों का अपहरण कर लिया. काफी खोजबीन के बाद उनका पता नहीं लगा. वह अपनी बेटियों के सेक्स स्लेव के तौर पर बेचे जाने की आशंका जताते हैं. वह रोते हुए कहते हैं कि हम अपने बच्चों की मदद करने में असहाय हैं. इस्लामिक स्टेट ने सेक्स स्लेव के लिए बहुत लड़कियों का अपहरण किया. यहां तक कि 12 साल की बच्चियों को भी नहीं छोड़ा. 


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