NDTV Khabar

भारत और पाकिस्तान को कश्मीर मुद्दे का द्विपक्षीय ढंग से समाधान निकालना चाहिए: फ्रांसीसी राष्ट्रपति

फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा वे कुछ दिनों बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से भी बात करेंगे और उनसे कहेंगे कि वार्ता द्विपक्षीय होनी चाहिए

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
भारत और पाकिस्तान को कश्मीर मुद्दे का द्विपक्षीय ढंग से समाधान निकालना चाहिए: फ्रांसीसी राष्ट्रपति

पीएम नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुअल मैक्रों ने गुरुवार को साझा बयान जारी किया.

खास बातें

  1. मैक्रों ने कहा- कोई तीसरा पक्ष न हस्तक्षेप करे, न हिंसा भड़काए
  2. फ्रांस अगले महीने भारत को पहले राफेल विमान की आपूर्ति कर देगा
  3. मोदी ने कहा- फ्रांस से दोस्ती स्वतंत्रता, समानता के सिद्धांतों पर
चैन्टिली (फ्रांस):

फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुअल मैक्रों ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत और पाकिस्तान को द्विपक्षीय ढंग से कश्मीर मुद्दे का समाधान निकालना चाहिए और क्षेत्र में किसी तीसरे पक्ष को ‘‘हस्तक्षेप'' नहीं करना चाहिए या हिंसा को भड़काना नहीं चाहिए.  मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ आमने-सामने की बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा की.    वार्ता के बाद एक साझा प्रेस बयान में राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें जम्मू कश्मीर पर भारत द्वारा लिए गए हाल के फैसले से अवगत कराया और यह भी बताया कि यह भारत की संप्रभुता से जुड़ा है.

मैक्रों ने कहा, ‘‘मैंने उनसे कहा कि भारत और पाकिस्तान को इस मुद्दे का समाधान निकालना होगा और किसी तीसरे पक्ष को इस क्षेत्र में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए या हिंसा को भड़काना नहीं चाहिए.''    उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति बनाए रखी जानी चाहिए और लोगों के अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए. फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘मैं कुछ दिनों बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से भी बात करूंगा और उनसे कहूंगा कि वार्ता द्विपक्षीय होनी चाहिए.'' उन्होंने कहा कि फ्रांस अगले महीने भारत को 36 राफेल लड़ाकू विमानों में से पहले विमान की आपूर्ति कर देगा.


मैक्रों के बयान के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच दोस्ती किसी स्वार्थ पर नहीं टिकी है, बल्कि यह ‘स्वतंत्रता, समानता और भाइचारे के ठोस सिद्धांतों पर आधारित है. मोदी ने कहा, ‘‘दोनों देश लगातार आतंकवाद का सामना कर रहे हैं. हमारा इरादा आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को व्यापक बनाना है.'' उन्होंने कहा कि फ्रांस और भारत जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण और प्रौद्योगिकी समावेशी विकास की चुनौतियों का सामना करने के लिए एक साथ खड़े हैं. मोदी ने कहा, ‘‘हम सब मिलकर एक सुरक्षित और समृद्ध दुनिया का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं.''    

कांग्रेस नेता जयराम रमेश बोले, हर वक्त मोदी को 'खलनायक' की तरह पेश करने से कुछ हासिल नहीं होगा

मोदी ने चेतऊ डी चैन्टिली में मैक्रों के साथ वार्ता शुरू होने से पहले ट्वीट किया, ‘‘यह यात्रा फ्रांस के नेतृत्व के साथ पहले की गई बातचीत को आगे बढ़ाएगी.''

चेतऊ डी चैंन्टिली पेरिस से 50 किलोमीटर दूर स्थिति ऐतिहासिक इमारत है. मैक्रों ने मोदी को इस इमारत की ऐतिहासिक अहमियत के बारे में बताया और सदियों पुरानी इमारत दिखाने ले गए. दोनों नेताओं ने सीधी बातचीत की जिसके बाद शिष्टमंडल स्तर की वार्ता हुई.

इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी का हवाईअड्डे पहुंचने पर यूरोप और विदेश मामलों के मंत्री जीन येव्स ले ड्रायन ने स्वागत किया. मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘भारत और फ्रांस के बेहद दोस्ताना संबंध हैं और वर्षों से द्विपक्षीय और बहु पक्षीय रूप से एक साथ काम कर रहे हैं.''    

मोदी दो दिवसीय इस यात्रा के दौरान अपने फ्रांसीसी समकक्ष एडवर्ड फिलिप से भी मुलाकात करेंगे और यहां भारतीय समुदाय से भी बातचीत करेंगे. वह फ्रांस में 1950 तथा 1960 के दशकों में एयर इंडिया के दो विमान हादसों में मारे गए पीड़ितों की याद में बनाए गए एक स्मारक स्थल का उद्घाटन करेंगे.

VIDEO : कश्मीर मुद्दे पर ट्रंप और मोदी के बीच हुई बातचीत

टिप्पणियां



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement