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हरकतों से बाज नहीं आ रहा चीन, अब भारत को कहा छोटी मानसिकता वाला देश

चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने अपने संपादकीय में लिखा है, 'भारत बहुत छोटी सोच वाला देश है.'

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हरकतों से बाज नहीं आ रहा चीन, अब भारत को कहा छोटी मानसिकता वाला देश

डोकलाम विवाद शुरू होने के बाद चीनी मीडिया लगातार भारत पर साध रहा निशाना.

खास बातें

  1. चीनी मीडिया ने एक बार फिर किया भारत पर हमला
  2. ग्लोबल टाइम्स ने भारत को बताया छोटी सोच वाल
  3. कहा, दादागिरी की मानसिकता छोड़े भारत
नई दिल्ली: डोकलाम को लेकर जारी विवाद के बीच चीनी मीडिया भारत पर निशाना साधने का एक भी मौका नहीं गंवा रहा है. अब चीनी मीडिया ने भारत को छोटी सोच वाला बताया है. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने अपने संपादकीय में लिखा है, 'भारत बहुत छोटी सोच वाला देश है. इसका अंदाजा इस बात से लगता है कि बॉर्डर पर एक सड़क के निर्माण से दो देशों के रणनीतिक हालात बदलाव आ जाएगा. यह सोच भारत की मानसिकता को दर्शाता है.' साथ चीनी अखबार ने ये भी कहा है कि भारत दादागिरी करने की मानसिकता से फैसले ले रहा है. 

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अखबार ने लिखा है, 'भारत कोल्ड वार को बढ़ावा दे रहा है. वह इलाके का दादा बनने की मानसिकता से काम कर रहा है. भारत को इस मानसिकता से बाहर आने की जरूरत है, तभी वह उभरते चीन को दुश्मन के रूप में देखने के बजाय विकास के अवसर के रूप में समझ पाएगा.' 

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ग्लोबल टाइम्स ने सफाई देने के लहजे में लिखा है कि भारत को खुली सोच अपनानी चाहिए और दुनिया को खतरों के तौर पर देखने, चुनौती के तौर पर लेना छोड़ देना चाहिए। भारत को छोटे दक्षिणी एशियाई देशों सहित दुनिया को लेकर अपनी सोच पर विचार करना चाहिए.

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भारतीय जवानों पर की पत्थरबाजी: चीन एक तरफ जहां डोकलाम में भारत को आंखें दिखा रहा है तो दूसरी तरफ लद्दाख इलाके में भी घुसपैठ की कोशिश की है. मंगलवार को  चीन ने लद्दाख में भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश की है. सुबह करीब 11 बजे चीन के सैनिक पांच छह गाड़ियां लेकर आए और उसे अपने इलाके में खड़ी कर पैदल पैदल भारतीय इलाके में घुस आए. जिस जगह से चीनी सैनिक भारत में दाखिल हुए वह पेंगोंग झील का इलाका है. चीनी सैनिकों की इस हरकत को देखकर वहां तैनात आईटीबीपी के जवानों ने ह्यूमन चैन बना लिया और उन्हें रोकने लगे. इस दौरान देशों के सैनिकों के बीच हाथापाई भी हुई. यह विवाद आधे घंटे तक चला.

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सेना से जुड़े सूत्रों के मुताबिक भारतीय फौज के विरोध के बाद चीनी सैनिक अपनी सीमा में लौट गए और वहीं से पत्थर फेंकने लगे. चीनी सैनिकों की ओर से फेंके गए पत्थर से आईटीबीपी के कुछ जवानों को चोटें आई हैं.  चीनी सैनिकों लोहे का रॉड लेकर भी आये थे.

'भारतीय सेना ने क्रॉस किया बॉर्डर': दो दिन पहले चीनी मीडियो ने आरोप लगाया था कि भारतीय फौज उसकी सीमा में घुस आए हैं. चीन के सरकारी अखबार पीपुल्स डेली में छपी खबर में आरोप लगाया गया है कि भारतीय फौज ने सीमा का गलत आकलन (Miscalculation) किया. इस गलती के लिए भारत को इसके लिए शर्मिंदगी झेलनी पड़ेगी. यहां गौर करने वाली बात यह है कि सिक्किम के डोकलाम में भारत और चीन के बीच करीब दो महीने से सीमा विवाद तनावपूर्ण स्थिति में पहुंच गया है.

डोकलाम पर भारत-चीन फ्लैग लेवल की मीटिंग बेनतीजा: डोकलाम विवाद को सुलझाने के लिए 11 अगस्त को भारतीय और चीन के सेना के बीच मेजर जनरल स्तर पर नाथूला में फ्लैग लेवल मीटिंग हुई, लेकिन बेनतीजा साबित हुई. सूत्रों का कहना है कि चीन इस बात पर जोर डाल रहा है कि भारत डोकलाम से अपने सैनिक हटाए वहीं भारत का कहना है कि चीन जब तक सड़क बनाने का उपकरण नहीं हटाता वो अपनी सेना नहीं हटाएगा. दोनों पक्षों ने फैसला लिया कि अपने अपने हेडक्वाटर को रिपोर्ट करेंगे. पिछले हफ्ते भी ब्रिगेडियर स्तर पर नाथूला में ही दोनों देशों के सेनाओं के बीच बातचीत हुई थी लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला.

भारत ने सीमा पर बढ़ाई सैनिकों की संख्या:  भारत के सिक्किम से लगे भूटान के डोकलाम में भारत और चीनी सेना के जवान कुछ हफ्तों से नॉन कॉम्बेटिव मोड में आमने-सामने डटे हुए हैं. डोकलाम मुद्दे पर जारी तनातनी के बीच सामरिक तौर पर अहम कदम उठाते हुए भारत ने सिक्किम और अरूणाचल प्रदेश से लगी चीन की सीमा के आसपास के समूचे इलाके में और ज्यादा सैनिकों की तैनाती की है. वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने यह जानकारी दी.

अधिकारियों ने बताया कि सैनिकों के 'चौकसी के स्तर' को भी बढ़ा दिया गया है. उन्होंने बताया कि डोकलाम पर भारत के खिलाफ चीन के आक्रामक अंदाज के मद्देनजर और गहन विश्लेषण के बाद सिक्किम से लेकर अरूणाचल प्रदेश तक भारत-चीन की करीब 1,400 किलोमीटर लंबी सीमा के पास के इलाकों में सैनिकों की तैनाती बढ़ाने का फैसला किया गया.

वीडियो: डोकलाम विवाद को लेकर अंतर्राष्ट्रीय बिरादरी के पास पहुंचा चीन

क्या है डोकलाम विवाद?: इसी साल 16 जून को भारतीय सैनिक डोकलाम इलाके में गश्त पर थी, तभी पता चला कि चीन यहां सड़क बना रहा है. भारतीय सेना ने चीन के सड़क निर्माण के कार्य को रोक दिया. इसी बात से चीन नाराज हो गया और लगातार प्रोपेगेंडा कर रहा है. उसका दावा है कि वह अपनी सीमा में सड़क बना रहा है, ऐसे में भारत को क्या ऐतराज है. हालांकि यह इलाका भूटान का है.
 


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