ईरान-यूएस विवाद पर भारतीय-अमेरिकी प्रोफेसर को मजाक करना पड़ा भारी, कॉलेज ने नौकरी से निकाला

प्रोफेसर अशीन का यह पोस्ट डोनाल्ड ट्रंप द्वारा किए गए एक ट्वीट की प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है. बता दें, डोनाल्ड ट्रंप द्वारा किए गए उस ट्वीट में कहा गया था कि ''ईरान और ईरानी संस्कृति के लिए महत्वपूर्ण स्थानों को टारगेट किया जाना चाहिए''. 

ईरान-यूएस विवाद पर भारतीय-अमेरिकी प्रोफेसर को मजाक करना पड़ा भारी, कॉलेज ने नौकरी से निकाला

अशीन फांसे ने कुछ दिन पहले ईरान-यूएस विवाद पर मजाक करते हुए एक पोस्ट शेयर किया था.

न्यूयॉर्क:

एक भारतीय-अमेरिकी प्रोफेसर (Indian-American Professor) को ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे विवाद को लेकर फेसबुक पर मजाक करना भारी पड़ गया. फेसबुक पर इस मजाक के कारण कॉलेज ने इस प्रोफेसर को नौकरी से निकाल दिया. डब्‍ल्‍यूबीजेड टेलीविजन के मुताबिक, बैबसन कॉलेज ने कहा, ''अशीन फांसे (Asheen Phansey) को इस वजह से नौकरी से निकाला गया है क्योंकि उसके द्वारा फेसबुक पर की गई पोस्ट कॉलेज के मूल्यों और संस्कृति के खिलाफ हैं''. 

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अशीन द्वारा फेसबुक पर किए गए इस मजाक को लोगों ने एक खतरे के रूप में देखा. इसके लिए अशीन फांसे कॉलेज प्रशासन से माफी भी मांग चुके हैं. हालांकि, प्रोफेसर अशीन का यह पोस्ट डोनाल्ड ट्रंप द्वारा किए गए एक ट्वीट की प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है. बता दें, डोनाल्ड ट्रंप द्वारा किए गए उस ट्वीट में कहा गया था कि ''ईरान और ईरानी संस्कृति के लिए महत्वपूर्ण स्थानों को टारगेट किया जाना चाहिए''. 

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इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अशीन फांसे ने अपने फेसबुक पर लिखा था, ''ईरान को भी यूएस के 52 स्थानों को बॉम्ब से उड़ाने के लिए चुन लेना चाहिए, जिसमें मिनेसोटा का मॉल ऑफ अमेरिका, या फिर कारदर्शियन्स का घर आदि शामिल हो''. बता दें, अशीन फांसे, बैबसन कॉलेज में डायरेक्टर ऑफ सस्टेनिबिलिटी के तौर पर कार्यरत थे. यह कॉलेज बॉस्टन से 20 किलोमीटर दूर वेलेस्ले में स्थित है. 

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इस पर अशीन फांसे ने कहा, ''फेसबुक पर मेरे द्वारा किए गए मजाक का मतलब लोगों ने गलत तरह से लिया और मुझे उम्मीद थी कि कॉलेज मेरा समर्थन करेगा और मेरे स्वतंत्र रूप से बोलने के अधिकार को समझेगा''. हालांकि, कॉलेज प्रशासन का कहना है कि वो किसी भी तरह की हिंसा या फिर धमकी भरे शब्दों आदि की निंदा करता है.