भारतीय मूल की एक 13 वर्षीय अमेरिकी लड़की अनुष्का नाईकनवरे ने बनाई ऐसी बैंडेज जो घाव की दशा बताएगी

भारतीय मूल की एक 13 वर्षीय अमेरिकी लड़की अनुष्का नाईकनवरे ने बनाई ऐसी बैंडेज जो घाव की दशा बताएगी

नई दिल्ली:

अमेरिका में ओरेगन राज्य की रहने वाली भारतीय मूल की एक 13 वर्षीय लड़की ने ऐसा बैंडेज खोजा है जो यह बताएगा कि घाव कितना भरा है और कब बैंडेज को बदलना है. यह कारनामा अनुष्का नाईकनवरे ने किया है. 7वीं की छात्रा द्वारा तैयार की गई यह बैंडेज घाव की नमी को मोनिटर करेगी और इसी के सहारे डॉक्टरों को अलर्ट करेगी.

डॉक्टर इस बैंडेज को मेडिकल जगत के लिए काफी अहम बता रहे हैं. यही वजह है कि अनुष्का नाईकनवरे की इस खोज के लिए गूगल ने उन्हें 10 लाख रुपये की स्कॉलरशिप दी है.
 

अनुष्का का कहना है कि बैंडेज बनाने का आइडिया उन्हें एक दिन क्लास में ही आया. उन्होंने कहा कि इस बैंडेज से डॉक्टरों और नर्सों को घाव की स्थिति समझने में काफी मदद मिलेगी. इससे वह किसी घाव की अच्छी देखरेख कर सकेंगे. इसके साथ ही इस बैंडेज से इंफेक्शन रोकने में मदद मिलेगी. इस पट्टी से जख्म का तापमान और पीएच वैल्यू का पता चलेगा. साथ ही कहा जा रहा है कि इस पट्टी से मरीज को अनावश्यक दर्द से भी निजात मिलेगा.
 

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गूगल ने इस आविष्कार के लिए अनुष्का को ग्लोबल प्राइज अवार्ड देने की घोषणा की है. अनुष्का यह अवार्ड जीतने वाली सबसे कम उम्र की शख्स हैं.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)