यह ख़बर 11 अक्टूबर, 2012 को प्रकाशित हुई थी

इटली ने भारतीय न्यायपालिका की आलोचना की

इटली ने भारतीय न्यायपालिका की आलोचना की

खास बातें

  • इटली के विदेश मंत्री गिउलियो तेरजी ने कहा कि वह इतालवी समुद्री सुरक्षाकर्मियों के मामले में भारतीय न्यायपालिका की दुविधा को देखकर आश्चर्यचकित एवं घबराए हुए हैं।
रोम:

इटली के विदेश मंत्री गिउलियो तेरजी ने कहा कि वह इतालवी समुद्री सुरक्षाकर्मियों के मामले में भारतीय न्यायपालिका की दुविधा को देखकर आश्चर्यचकित एवं घबराए हुए हैं। इस वर्ष फरवरी में इतालवी जहाज एनरिका लेक्सी के दो सुरक्षाकर्मियों की गोलीबारी में केरल के समुद्रतट पर दो भारतीय मछुआरों की मौत हो गई थी।

सर्वोच्च न्यायालय ने अभी भी इटली की उस याचिका पर अपना निर्णय नहीं दिया है जिसमें कहा गया था कि इतालवी जहाज पर घटना होने की वजह से न्यायाधिकार इटली का बनना चाहिए।

मछुआरे गैलस्टाइन एवं अजेश बिंकी की हत्या के आरोप में केरल के कोल्लम जिले की स्थानीय अदालत में इटली के सुरक्षाकर्मी लैटोर मिस्सिमिल्लानो और सल्वाटोर गिराने के खिलाफ मामला चल रहा है। अदालत ने सर्वोच्च न्यायालय में इटली की दायर याचिका को देखते हुए मामले की सुनवाई 8 नवम्बर तक के लिए स्थगित कर दी है।

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समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रपट के अनुसार विदेश मंत्री ने संसद में कहा कि यह अविश्वसनीय है कि कानून के शासन पर आधारित भारत जैसा देश सुरक्षाकर्मियों के मामले में त्वरित निर्णय देने का साहस नहीं जुटा पा रहा है ताकि वे घर वापस आ सकें।

समाचार एजेंसी एएनएसए के अनुसार इतालवी सरकार ने कहा कि उसका मानना है चूंकि सुरक्षाकर्मी समुद्री डाकुओं के खिलाफ अभियान का हिस्सा थे इसलिए उन्हें मुकदमे से छूट मिलनी चाहिए।