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विजय माल्या ने भारतीय अधिकारियों पर कसा तंज, कहा- 'आप अरबों पाउंड के सपने देखते रहें'

​अपने प्रत्यर्पण से जुड़े मामले की सुनवाई के सिलसिले में वेस्टमिंस्टर की मजिस्‍ट्रेट अदालत में पेश हुए 61 साल के माल्या ने कहा, 'मैं लगाए गए सभी आरोपों को नकारता हूं और मैं उन्हें नकारता रहूंगा'.

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विजय माल्या ने भारतीय अधिकारियों पर कसा तंज, कहा- 'आप अरबों पाउंड के सपने देखते रहें'

कई बैंकों का 9,000 करोड़ रुपये का कर्ज नहीं चुकाने के मामले में वांछित भारतीय कारोबारी विजय माल्या...

खास बातें

  1. केस की पैरवी के लिए मेरे पास र्प्‍याप्‍त सबूत हैं- माल्‍या
  2. माल्या ने कहा, मैं लगाए गए सभी आरोपों को नकारता हूं.
  3. विजय माल्या ने कहा, मैं मीडिया में कोई बयानबाजी नहीं करता.
नई दिल्‍ली/लंदन:

कई बैंकों का 9,000 करोड़ रुपये का कर्ज नहीं चुकाने के मामले में भारत में वांछित कारोबारी विजय माल्या ने मंगलवार को यह दावा किया कि अपने मुकदमे के पक्ष में पैरवी करने के लिए उनके पास र्प्‍याप्‍त सबूत है, तो साथ ही उन्‍होंने यह कहकर भारतीय अधिकारियों पर तंज भी कसा कि 'आप एक अरब पाउंड का सपना देखते रह सकते हैं'.

अपने प्रत्यर्पण से जुड़े मामले की सुनवाई के सिलसिले में वेस्टमिंस्टर की मजिस्‍ट्रेट अदालत में पेश हुए 61 साल के माल्या ने कहा, 'मैं लगाए गए सभी आरोपों को नकारता हूं और मैं उन्हें नकारता रहूंगा'. मुख्य मजिस्‍ट्रेट एम्मा लुइस अरबुथनाट ने उन्हें चार दिसंबर तक जमानत दे दी. मामले की अगली सुनवाई छह जुलाई को होगी. (वीडियो देखें)

माल्या ने अदालत के बाहर पत्रकारों को बताया, 'मैं किसी अदालत से नहीं बच रहा... अपना पक्ष साबित करने के लिए मेरे पास पर्याप्त सबूत हैं'. अपने बेटे सिद्धार्थ माल्या, एक महिला साथी और कुछ समर्थकों के साथ अदालत पहुंचे माल्या ने कहा, 'मैं मीडिया में कोई बयानबाजी नहीं करता, क्योंकि मैं जो कुछ कहता हूं उसे तोड़-मरोड़ दिया जाता है'. माल्या को स्कॉटलैंड यार्ड ने अप्रैल में गिरफ्तार किया था और उसके बाद से वह जमानत पर हैं. उनकी जमानत चार दिसंबर तक बढ़ा दी गई है. माना जा रहा है कि मामले की अंतिम सुनवाई चार दिसंबर को ही होगी.


माल्या ने दावा किया कि कोई कर्ज कहीं और खर्च नहीं किया गया.

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उन्होंने पत्रकारों को बताया, 'आप एक अरब पाउंड के सपने देखते रह सकते हैं. आप तथ्यों के बगैर कुछ भी साबित नहीं कर सकते'. अरबुथनाट ने सुनवाई के दौरान कहा, 'यह तय करें कि आप अपनी जमानत की कोई शर्त नहीं तोड़ेंगे. यदि आप ऐसा करेंगे तो आप फिर से हिरासत में ले लिए जाएंगे'. भारतीय अधिकारियों की तरफ से ब्रिटेन क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस ने अदालत में भारतीय अधिकारियों का पक्ष रखा.

(इनपुट एजेंसी से)



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