NDTV Khabar

पूर्व नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान में मौत की सजा सुनाई गई, रॉ एजेंट होने का आरोप था

294 Shares
ईमेल करें
टिप्पणियां
पूर्व नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान में मौत की सजा सुनाई गई, रॉ एजेंट होने का आरोप था

खास बातें

  1. कुलभूषण पर रॉ एजेंट होने का आरोप लगाया गया था
  2. पाकिस्तान ने कुलभूषण का वीडियो भी जारी किया था
  3. भारत ने इस वीडियो में कही बातों को सिरे से खारिज किया था
इस्लामाबाद: पाकिस्तान में भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव को मौत की सजा सुनाई गई है.यह खबर डॉन न्यूज के हवाले से आई है. कुलभूषण जाधव पर रॉ का एजेंट होने का आरोप लगाया गया था. भारत ने पाकिस्तान के आरोपों को खारिज किया था. जाधव को मार्च 2016 में गिरफ्तार किया गया था. बता दें कि कथित जासूसी के आरोप में पाकिस्तान में गिरफ्तार किए गए भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव का पाकिस्तान ने एक वीडियो जारी किया था. इस वीडियो में जाधव को जासूरी करने के आरोप को कबूलते हुए दिखाया गया था. पाकिस्तान द्वारा जारी इस वीडियो 'कबूलनामे' को भारत ने सिरे से खारिज कर दिया था. भारत सरकार ने इसे पठानकोट हमले में अपनी जिम्मेदारी से बचने की पाकिस्तान की कोशिश करार दिया था. भारत ने साथ ही यह आशंका भी जताई कि हो सकता है कि उनका अपहरण किया गया हो. भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर जारी बयान में कहा गया था कि गिरफ्तार व्यक्ति के बयान से साफ संकेत मिलता है कि यह सिखा पढ़ाकर तैयार कराया गया वीडियो है और हमें उसकी सलामती की चिंता है.

बता दें कि जासूसी के आरोप में पाकिस्तान में गिरफ्तार किए गए भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव का पाकिस्तान ने एक वीडियो जारी किया था. इस वीडियो में जाधव को जासूरी करने के आरोप को कबूलते हुए दिखाया गया था. पाकिस्तान द्वारा जारी इस वीडियो 'कबूलनामे' को भारत ने सिरे से खारिज कर दिया था. भारत सरकार ने इसे पठानकोट हमले में अपनी जिम्मेदारी से बचने की पाकिस्तान की कोशिश करार दिया था. भारत ने साथ ही यह आशंका भी जताई कि हो सकता है कि उनका अपहरण किया गया हो. भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर जारी बयान में कहा गया था कि गिरफ्तार व्यक्ति के बयान से साफ संकेत मिलता है कि यह सिखा पढ़ा कर तैयार कराया गया वीडियो है और हमें उसकी सलामती की चिंता है.

दरअसल, पाकिस्तानी सरकार के अधिकारियों ने कुलभूषण जाधव का छह मिनट का बयान जारी किया था, जिसे जियो चैनल पर चलाया गया था. बयान में वह कहता दिख रहा है कि वह भारत की शीर्ष खुफिया एजेंसी रॉ के लिए काम कर रहा है, और अब भी भारतीय नौसेना का हिस्सा है. उसकी गिरफ्तारी के बाद भारत ने स्पष्ट कर दिया था कि कुलभूषण भारतीय है, नौसेना से सेवानिवृत्त हो चुका है, और रिटायरमेंट के समय से ही उसका 'सरकार से कोई संपर्क नहीं रहा है...'

भारत सरकार से जुड़े सूत्रों का कहना था कि टीवी पर दिखाया गया बयान पाकिस्तान की 'जासूसी का खेल चलाने' और जनवरी में पठानकोट एयरफोर्स बेस पर हुए हमले में अपनी जिम्मेदारी से भागने की कोशिश है.

वीडियो में जाधव ने कहा कि वह मुंबई में रहता है, और 'अब भी भारतीय नौसेना का अधिकारी है, जिसकी सेवानिवृत्ति 2022 में होनी है...' उसने कहा कि उसने वर्ष 2001 में भारतीय संसद पर हमले के बाद खुफिया विभाग में काम करने से करियर शुरू किया था, और बाद में उसने ईरान में छोटे स्तर पर व्यापार शुरू किया, जिसकी वजह से उसे पाकिस्तान आने-जाने में सहूलियत होने लगी, और वर्ष 2013 में उसे रॉ एजेंट बना लिया गया. उसके मुताबिक- उसे 3 मार्च को ईरान से पाकिस्तान में घुसने की कोशिश के दौरान ही गिरफ्तार किया गया.

कौन हैं कुलभूषण जाधव
पाक में गिरफ़्तार किए गए थे कुलभूषण जाधव
3 मार्च 2016 को जाधव की गिरफ़्तारी
ईरान से पाक में अवैध घुसपैठ पर गिरफ़्तार
चमन के पास हुई थी गिरफ़्तारी
पाकिस्तान ने लगाया जासूसी का आरोप
पाकिस्तान ने बताया रॉ एजेंट
कुलभूषण जाधव का इक़बालिया बयान पेश किया
भारत ने जासूस होने की बात से इनकार किया
महाराष्ट्र के कोल्हापुर से हैं जाधव
1987 में नेशनल डिफेंस एकैडमी में आए
2001 में भारतीय नौसेना से जुड़े
आख़िरी दौर में ईरान के चाबहार में कारोबार


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement