भारत के 'मिशन शक्ति' (Mission Shakti) पर चीन की पहली प्रतिक्रिया...

भारत ने 'मिशन शक्‍ति' (Mission Shakti Anti Satellite) की कामयाबी के साथ अंतरिक्ष में अपनी ताकत का परिचय दे दिया है. चीन ने ऐसा एक परीक्षण जनवरी 2007 में किया था जब उसके उपग्रह रोधी मिसाइल ने एक निष्क्रिय मौसम उपग्रह को नष्ट कर दिया था.

भारत के 'मिशन शक्ति' (Mission Shakti) पर चीन की पहली प्रतिक्रिया...

Mission Shakti Anti Satellite पर चीन की प्रतिक्रिया. चीन का ध्‍वज

बीजिंग:

चीन ने भारत के उपग्रह रोधी मिसाइल परीक्षण (Mission Shakti Anti Satellite) पर बुधवार को सतर्कतापूर्वक प्रतिक्रिया जताते हुए उम्मीद जतायी कि सभी देश बाहरी अंतरिक्ष में शांति बनाये रखेंगे. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को घोषणा की कि भारत ने अंतरिक्ष में एंटी सैटेलाइट मिसाइल से एक लाइव सैटेलाइट को मार गिराते हुए अपना नाम अंतरिक्ष महाशक्ति के तौर पर दर्ज करा दिया और भारत ऐसी क्षमता हासिल करने वाला दुनिया का चौथा देश बन गया. इस परीक्षण के बाद भारत दुश्मन के उपग्रहों को मार गिराने की रणनीतिक क्षमता हासिल करने वाला दुनिया का चौथा देश बन गया. इससे पहले अमेरिका, रूस और चीन के पास यह क्षमता थी. चीन के विदेश मंत्रालय ने भारत द्वारा उपग्रह रोधी मिसाइल के सफल परीक्षण को लेकर एक सवाल पर लिखित जवाब में कहा, ‘‘हमने खबरें देखी हैं और उम्मीद करते हैं कि प्रत्येक देश बाहरी अंतरिक्ष में शांति बनाये रखेंगे.''

चीन ने ऐसा एक परीक्षण जनवरी 2007 में किया था जब उसके उपग्रह रोधी मिसाइल ने एक निष्क्रिय मौसम उपग्रह को नष्ट कर दिया था. मोदी ने कहा कि हमने जो नई क्षमता हासिल की है, यह किसी के विरूद्ध नहीं था. उपग्रह 300 किमी की ऊंचाई पर एक पूर्व निर्धारित लक्ष्य था.

मोदी ने कहा कि मिशन शक्ति का उद्देश्य भारत की समग्र सुरक्षा को मजबूती प्रदान करना था और इस मिशन का नेतृत्व डीआरडीओ ने किया. विदेश मंत्रालय ने दिल्ली में जारी एक बयान में कहा कि भारत का बाहरी अंतरिक्ष में हथियारों की किसी होड़ में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है.

VIDEO: भारत दुनिया का चौथा अंतरिक्ष महाशक्ति बना



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
 
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