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श्रीलंका बाढ़ : मृतकों की संख्या 100 के पार, भारत ने राहत सामग्री भेजी

श्रीलंका में साल 2003 के बाद यह सबसे भीषण बाढ़ है. राहत एवं बचाव अभियान में श्रीलंका की तीनों सेनाओं के जवान जुटे हुए हैं.

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श्रीलंका बाढ़ : मृतकों की संख्या 100 के पार, भारत ने राहत सामग्री भेजी

श्रीलंका में भीषण बाढ़ में मृतकों की संख्या बढ़कर 100 हो गई है, जबकि 99 अन्य लापता हैं.

कोलंबो: श्रीलंका में आई भीषण बाढ़ के दौरान सहायता के लिए भारत ने बचावकर्मियों सहित राहत सामग्री भी भेजी है. अभी तक बाढ़ में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. वहां अभी और बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है. गौरतलब है कि साल 2003 के बाद इस द्वीपीय राष्ट्र में आई यह सबसे भीषण बाढ़ है.

आपदा प्रबंधन केंद्र ने केलानी नदी के किनारे और कोल्लोनावा, कादुवेला, वेल्लामपीटिया, केलानिया, बियागामा, सेदावत्ते, डोम्पे, हनवेला, पादुक्का और अविस्सावेला संभागीय सचिवालय में रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाने की चेतावनी दी है. केंद्र ने कहा कि 14 जिलों में 52,603 परिवारों के कम से कम 2,00,382 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. शनिवार सुबह तक 2,937 परिवारों के 12,007 लोगों को 69 सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है.

केंद्र ने कहा कि मृतकों की संख्या बढ़कर 100 हो गई है, जबकि 99 अन्य लापता हैं. हालांकि उन्होंने कोई सटीक संख्या नहीं बताया. थल सेना के 1000 जवानों सहित श्रीलंका की तीनों सेनाओं के जवान राहत एवं बचाव अभियान में जुटे हैं. गाले के नेलुवा इलाके में बचाव अभियान के दौरान हेलिकॉप्टर से गिरने से श्रीलंकाई वायुसेना के एक जवान की मौत हो गई. मौसम विभाग ने बताया कि बारिश और हवा चलने का मौसम जारी रहने की आशंका है.

आपदा प्रबंधन केंद्र का कहना है कि पश्चिमी, सबरागामुवा, दक्षिणी, मध्य और पश्चिमोत्तर प्रांतों में बारिश होने तथा गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. श्रीलंका के विदेश मंत्रालय ने आपदा प्रबंधन मंत्रालय के साथ मिलकर संयुक्त राष्ट्र, अंतरराष्ट्रीय खोज एवं बचाव सलाहकार समूह और पड़ोसी देशों से अपील की है कि वे प्रभावित लोगों को सहायता मुहैया करवायें, विशेष रूप से राहत एवं बचाव के क्षेत्र में.

अपील के बाद भारत ने राहत एवं बचाव अभियान के तहत आपातकालीन आवश्यक सामग्री से भरे तीन नौसैनिक जहाजों को पड़ोसी देश श्रीलंका रवाना किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरसंभव सहायता का निर्देश दिया है. श्रीलंका की नौसेना और अन्य श्रीलंकाई प्राधिकारों के साथ मिलकर अब भारतीय बचावकर्मियों की प्रभावित क्षेत्रों में तैनाती की जा रही है. पीएम मोदी ने बाढ़ में लोगों की मौत पर शोक जताते हुए कहा कि जरूरत के इस वक्त में भारत अपने श्रीलंकाई भाई-बहनों के साथ है. राहत सामग्री एवं बचावकर्मियों को लेकर भारतीय नौसेना का पहला जहाज शनिवार सुबह कोलंबो बंदरगाह पहुंचा.

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बंदरगाह पर मौजूद श्रीलंका के विदेश मंत्री रवि करणानायके ने कहा, 'हम बेहद कम समय में इतनी जल्दी राहत सामग्री भेजने के लिए भारत के आभारी हैं.' उन्होंने कहा कि राहत सामग्री भेजने का भारत का कदम यह भारत-श्रीलंका संबंधों को दिखाता है, जो अपने उत्कृष्ट स्तर पर हैं. आईएनएस किर्च को बाढ़ राहत अभियान में आपात सहायता देने के लिए तत्काल कोलंबो रवाना किया गया था, वह शनिवार को कोलंबो बंदरगाह पहुंचा. भारतीय उच्चायुक्त तरनजीत सिंह संधू ने आईएनएस किर्च द्वारा लाई राहत सामग्री को विदेश मंत्री रवि करणानायके को सौंपा. भारतीय नौसेना के दो और जहाज आईएनएस शार्दुल और आईएनएस जलाश्व भी खाद्य पदार्थ, दवाइयों और पेयजल समेत राहत सामग्री के साथ श्रीलंका के लिए रवाना हो गए हैं.

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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