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मुबारक ने दिया इस्तीफा, तहरीर चौक पर जश्न

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खास बातें

  1. मिस्र में जनविरोध का सामना कर रहे राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक ने पद से इस्तीफा दे दिया है। उप राष्ट्रपति सुलेमान ने मुबारक के इस्तीफे का ऐलान किया।
काहिरा:

मिस्र में कई दिनों से लगातार जारी जनविरोध का सामना कर रहे राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उप राष्ट्रपति उमर सुलेमान ने मुबारक के इस्तीफे का ऐलान किया, जिसके बाद तहरीर स्क्वॉयर पर जुटे प्रदर्शनकारियों में खुशी की लहर दौड़ गई। उप राष्ट्रपति ने मिलिट्री काउंसिल बनाने की घोषणा की है। मुबारक के पद छोड़ने की खबर सुनते ही, सरकार विरोधी प्रदर्शन का केंद्र बने तहरीर चौक पर खुशी की लहर दौड़ गई और हजारों लोगों ने अब मिस्र आजाद है के नारे लगाए। अरब के सर्वाधिक आबादी वाले देश में निरंकुश शासन प्रदर्शनकारियों द्वारा तय की गई समय सीमा के एक सप्ताह बाद खत्म हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने 82 वर्षीय मुबारक द्वारा राष्ट्रपति पद छोड़ने के लिए रवानगी वाले शुक्रवार के रूप में समय सीमा तय की थी। अरब देशों की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद पद छोड़ने वाले मुबारक दूसरे नेता बन गए हैं। एक पखवाड़ा पहले ट्यूनीशियाई राष्ट्रपति बेन अली भी जास्मिन क्रांति के तहत विरोध प्रदर्शन के बाद देश से पलायन कर गए। सुलेमान ने टीवी पर दिए संबोधन में कहा, राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक ने मिस्र के राष्ट्राध्यक्ष का पद छोड़ने का फैसला किया है। उन्होंने देश के मामलों को चलाने का जिम्मा सशस्त्र बलों की उच्च परिषद को सौंपा है। मुबारक और उनकी पत्नी ने काहिरा स्थित राष्ट्रपति भवन छोड़ दिया। अंतरराष्ट्रीय मीडिया के अनुसार, वह शर्म अल शेख के लाल सागर रिजोर्ट चले गए हैं। सुलेमान के वक्तव्य के बाद तहरीर चौक पर मौजूद लाखों लोग उत्साहित हो गए और युवाओं ने नाचते हुए एक-दूसरे को गले लगा लिया। इससे पहले, विरोध प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति भवन और सरकारी टीवी के मुख्यालय तक मार्च निकाला। ये लोग पद छोड़ने से मुबारक के इनकार और उन्हें समर्थन देने के सेना के वक्तव्य से नाराज थे। इससे पहले, मुबारक के सत्ता छोड़ने की अटकलों के बीच शुक्रवार को हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर एकत्र हुए थे। गुरुवार की रात खबरों में कहा गया था कि मुबारक उपराष्ट्रपति उमर सुलेमान को सत्ता सौंपने वाले हैं, पर इन खबरों को खारिज करते हुए टीवी पर दिए अपने संबोधन में 82 वर्षीय मुबारक ने कहा, मैं ऐसे मामलों को सुनना स्वीकार नहीं करूंगा, जिन पर दूसरे देश अपनी तानाशाही चला रहे हों। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने मुबारक को सुझाव दिया था कि वह सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया फौरन शुरू करें, पर इस सुझाव को खारिज करते हुए उन्होंने कहा, मैं अगले चुनाव तक अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन, संविधान को बचा कर रखने की प्रतिबद्धता और मिस्र के लोगों के हितों की रक्षा के लिए अड़ा रहूंगा। इस संबोधन के फौरन बाद कई खबरों में कहा गया कि मुबारक देश छोड़ कर किसी अज्ञात स्थान पर चले गए हैं। हालांकि इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई। मुबारक के पद छोड़ने से इनकार करने पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए तहरीर चौक पर जुटे हजारों सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों ने मुबारक का संबोधन दिखा रही टीवी स्क्रीन पर अपने जूते उछाले थे।

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