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म्यांमार में पीएम नरेंद्र मोदी ने आंग सान सू की से की मुलाकात

म्यांमार के राखाइन प्रांत में रोहिंग्या मुसलमानों के साथ जातीय हिंसा की घटनाओं में तेजी आने के बीच प्रधानमंत्री की यह यात्रा हो रही है.

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म्यांमार में पीएम नरेंद्र मोदी ने आंग सान सू की से की मुलाकात

पीएम नरेंद्र मोदी ने आंग सान सू की से मुलाकात की

खास बातें

  1. रोहिंग्या मुसलमानों के साथ हिंसा के बीच पीएम मोदी की यात्रा
  2. पीएम मोदी ने आंग सान सू की से मुलाकात की
  3. मंगलवार को राष्ट्रपति हतिन क्याव से मुलाकात की थी
नाय पी ताउ: चीन दौरे के बाद पीएम मोदी का म्यांमार दौरा शुरू हो गया है. मंगलवार को पीएम मोदी म्यांमार पहुंचे थे जहां उनका शानदार तरीके से स्वागत हुआ था. आज पीएम मोदी ने म्यांमार की स्टेट काउंसलर आंग सान सू की से मुलाकात की. पीएम मोदी ने कहा कि भारत और म्यांमार की लंबी जमीनी तथा समुद्री सीमाओं पर सुरक्षा एवं स्थिरता बनाए रखना महत्वपूर्ण है. पीएम मोदी ने सीधे तौर पर रोहिंग्या मुसलमानों की समस्या पर कुछ नहीं कहा लेकिन पीएम मोदी बोले-  राखिन प्रांत में हिंसा के मुद्दे भारत चिंतित है, जिसमें ढेर सारे लोगों की जानें गईं. जिन चुनौतियों का आप सामना कर रहे हैं, हम उन्हें समझते हैं. 

वहीं आंग सान सू की ने कहा कि आतंकी खतरे को लेकर मजबूत रुख अपनाने पर भारत का धन्यवाद व्यक्त करना चाहेंगे जिसका हाल में म्यांमार ने सामना किया. हम मिलकर यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि आतंकवाद को हमारी धरती पर या हमारे पड़ोसियों की धरती पर जड़ें जमाने की अनुमति नहीं है.

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म्यांमार की यात्रा पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वहां के राष्ट्रपति हतिन क्याव से मुलाकात की. इस दौरान दोनों पड़ोसी देशों के बीच 'ऐतिहासिक संबंधों' को और मजबूत करने के कदमों पर चर्चा हुई. पीएम मोदी ने म्यांमार के राष्ट्रपति से अपनी मुलाकात को 'शानदार' बताया. प्रधानमंत्री ने मुलाकात की कुछ तस्वीरें ट्वीट कर कहा, 'राष्ट्रपति यू हतिन क्याव के साथ मुलाकात शानदार रही.'’ उन्होंने म्यामांर के राष्ट्रपति को सालवीन नदी (जो तिब्बत के पठार से निकल कर अंडमान सागर तक बहती है) की धारा का 1841 के नक्शे का एक नया रूप और बोधि वृक्ष की एक प्रतिकृति भी सौंपी. पीएम मोदी दो देशों की अपनी यात्रा के अंतिम पड़ाव पर म्यामांर पहुंचे हैं. वह चीन में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शरीक होने के बाद यहां पहुंचे. पीएम मोदी को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ भी दिया गया.

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narendra modi
म्यामांर के राखाइन प्रांत में रोहिंग्या मुसलमानों के साथ जातीय हिंसा की घटनाओं में तेजी आने के बीच प्रधानमंत्री की यह यात्रा हो रही है. भारत सरकार अपने देश में रोहिंग्या प्रवासियों को लेकर भी चिंतित है. यह उन्हें स्वदेश वापस भेजने पर विचार कर रही है.
समझा जाता है कि करीब 40,000 रोहिंग्या भारत में अवैध रूप से रह रहे हैं. यह पीएम मोदी की म्यामांर की पहली द्विपक्षीय यात्रा है. उन्होंने 2014 में आसियान भारत सम्मेलन में शरीक होने के लिए भी म्यामांर की यात्रा की थी. पीएम मोदी ने इस यात्रा से पहले कहा था कि भारत और म्यामांर सुरक्षा तथा आतंकवाद का विरोध, व्यापार एवं निवेश, बुनियादी ढांचा एवं ऊर्जा और संस्कृति के क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने पर गौर कर रहे हैं. (इनपुट्स भाषा से भी)


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