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नासा ने 37 साल में पहली बार किया कुछ यूं, Voyager 1 को ले आया सही ट्रैक पर

करीब 37 साल पहले नासा की ओर से प्रक्षेपित वायेजर 1 अंतरिक्ष यान शुक्रवार को सही ट्रैक पर वापस आ गया.

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नासा ने 37 साल में पहली बार किया कुछ यूं, Voyager 1 को ले आया सही ट्रैक पर

नासा का वायेजर 1

खास बातें

  1. नासा ने वायेजर 1 को सही ट्रैक पर लाया.
  2. नासा का ये मानव रहित यान है.
  3. सौर मंडर के बाहर के ग्रहों का पता लगाने के उद्देश्य से इसे भेजा गया है.
नई दिल्ली: करीब 37 साल पहले नासा की ओर से प्रक्षेपित वायेजर 1 अंतरिक्ष यान शुक्रवार को सही ट्रैक पर वापस आ गया. इस सफलता के पीछे थ्रस्टर्स का सबसे बड़ा हाथ है. बता दें कि वायेजर 1 अंतरिक्ष शोध यान एक मानव रहित यान है जिसे हमारे सौर मंडल और उसके बाहर की खोज के लिये प्रक्षेपित किया गया था. यह नासा का सबसे लम्बा अभियान है. इस यान ने गुरु और शनि ग्रहों की यात्रा की है और यह यान इन महाकाय ग्रहों के चन्द्रमा की तस्वीरें भेजने वाला पहला शोध यान है. वायेजर 1 मानव निर्मित सबसे दूरी पर स्थित वस्तु है और यह पृथ्वी और सूर्य दोनों से दूर अनंत अंतरिक्ष में अभी भी गतिशील है.

मानव रहित इस अंतरिक्ष यान को अपने जुड़वां, वायेजर 2 के साथ करीब 40 साल पहले हमारे सौर मंडल के बाहरी ग्रहों का पता लगाने और इतिहास में किसी मानव-निर्मित वस्तु से भी आगे की यात्रा करने के लिए प्रक्षेपित किया गया था. मगर अभियान के दशकों बाद वह थोड़ा कमजोर रह गया था. यही वजह है कि एटीट्यूड कंट्रोल थ्रस्टर्स ने छोटे से कश के जरिये उसे थोड़ा बेहतर कर एडजस्ट किया. ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि वायेजर के ऐंटिना को धरती की तरफ मोड़ने की जररूत थी, जिससे वो लगातार संचार संदेश भेज सके. 

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नासा की एक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, "पृथ्वी से करीब 13 बिलियन मील की दूरी पर यान में किसी तरह का ट्यून अप देने के लिए कोई मैकेनिक की दुकान नहीं थी. इसलिए कैलिफ़ोर्निया में एजेंसी के जेट प्रोपल्सन लैबोरेट्री के विशेषज्ञों ने चार बैकअप थ्रस्टर को चालू करने का फैसला किया, जो 8 नवंबर, 1980 को आखिरी बार इस्तेमाल हुए थे.

जेपीएल के मुख्य इंजीनियक क्रिस जोन्स ने कहा, "द वायेजर फ्लाईट टीम ने दशकों पुराने आंकड़ों को खोदा और सॉफ़्टवेयर की जांच की, जो एक पुराने कोडर भाषा में कोडित थी, ताकि हम सुरक्षित रूप से थ्रस्टर्स का परीक्षण कर सकें." मगर थ्रस्टर के काम ने इस अभियान को सफल बना दिया. 

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इस अभियाने के प्रोजेक्ट मैनेजर सुजाने डॉड ने कहा कि बैकअप थ्रस्टर्स का इस्तेमाल करने का मतलब है कि वायेजर 1 की उम्र में दो या तीन साल तक का विस्तार होना. अब बताया जा रहा है कि नासा जनवरी में औपचारिक  रूप से निष्क्रिय थ्रस्टरों को हटाने की योजना बना रहा है. उम्मीद की जा रही है कि नासा वायेजर 2 के लिए बैकअप थ्रस्टर पर इसी तरह का परीक्षण करेगा.

खास बात ये है कि वैज्ञानिक आज भी वायेजर अंतरिक्ष यान को रोज सुनते हैं और अभी भी ये उम्मीद कर रहे हैं कि अन्य दूसरे दशके के लिए डाटा प्राप्त होगा. 

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