नासा का क्षुद्रग्रह मिशन मंगल यात्रा के लिए अवधारणाओं का परीक्षण करेगा

नासा का क्षुद्रग्रह मिशन मंगल यात्रा के लिए अवधारणाओं का परीक्षण करेगा

वाशिंगटन:

मंगल ग्रह की भविष्य की मानव यात्राओं की अवधारणा को मजबूत करने के लिए नासा ने मिशन के रोबोटिक खंड के लिए अगले चरण के विकास और डिज़ाइन के अगले चरण पर आगे बढ़ने के वास्ते 'एस्टेरॉयड रीडायरेक्ट मिशन' (एआरएम) को मंजूरी दे दी है.

एआरएम दो भागों वाला मिशन है, जो नासा की लाल ग्रह की यात्रा के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण क्षमताओं के प्रदर्शन के लिए सुदूर अंतरिक्ष में रोबोटिक और मानव यान अभियानों को एकीकृत करेगा.

एआरएम का रोबोटिक तत्व धरती के पास एक क्षुद्र ग्रह (एनईए) की यात्रा के समय विश्व की सबसे आधुनिक और सर्वाधिक सक्षम सौर विद्युत प्रणोदन प्रणाली को प्रदर्शित करेगा.

यद्यपि लक्षित क्षुद्र ग्रह का चयन आधिकारिक रूप से 2020 तक हो पाने की उम्मीद नहीं है. संभावित विकल्पों की तलाश जारी रहने के साथ ही नासा 2008 ईवी5 का इस्तेमाल संदर्भ क्षुद्र ग्रह के रूप में कर रहा है.

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नासा ने कहा कि 2008 ईवी5 जैसा लक्षित क्षुद्र ग्रह खास तौर पर वैज्ञानिक, अन्वेषण और औद्योगिक समुदायों से अपील कर रहा है, क्योंकि यह एक प्राचीन, सी प्रकार का (कार्बनमय) क्षुद्र ग्रह है, जिसके बारे में माना जाता है कि यह अस्थिर, जल और जैविक तत्वों से भरपूर है.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)