लेजर तकनीक से अंतरिक्ष में मौजूद कबाड़ का लगाया जाएगा पता, सुरक्षित मार्ग तय कर पाने में मिलेगी मदद

वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष के कबाड़ की पहचान करने की प्रणालियां पहले भी विकसित की हैं लेकिन वे उनके छोटे-छोटे टुकड़ों का तेजी से पता लगाने में उतनी कारगर नहीं होती थीं.

लेजर तकनीक से अंतरिक्ष में मौजूद कबाड़ का लगाया जाएगा पता, सुरक्षित मार्ग तय कर पाने में मिलेगी मदद

लेजर तकनीक से अंतरिक्ष में मौजूद कबाड़ का लगाया जाएगा पता.

खास बातें

  • धरती की कक्षा में मौजूद अंतरिक्षीय कबाड़ का पता लगाने में मदद
  • अंतरिक्षयान अभ्यासों के लिए सुरक्षित मार्ग का पता लगाया जाएगा
  • जर्नल ऑफ लेजर ऐप्लिकेशन्स में जानकारी दी गई है
नई दिल्ली :

चीन (China) के रिसर्चर्स ने धरती की कक्षा में मौजूद अंतरिक्षीय कबाड़ का सही-सही पता लगाने की प्रणाली में सुधार किया है. इससे अंतरिक्षयान अभ्यासों के लिए सुरक्षित मार्ग तय करने का प्रभावी तरीका उपलब्ध हो सकेगा. वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष के कबाड़ की पहचान करने की प्रणालियां पहले भी विकसित की हैं लेकिन वे उनके छोटे-छोटे टुकड़ों का तेजी से पता लगाने में उतनी कारगर नहीं होती थीं. लेजर रेंज वाले टेलीस्कोप के लिए अल्गोरिद्म के एक अनूठे सेट ने अंतरिक्षीय कबाड़ का सही-सही पता लगाने की सफलता दर में सुधार किया है.

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लेजर रेंज वाली तकनीक वस्तुओं के लेजर प्रतिबिंब को उनकी दूरी मापने के लिए इस्तेमाल करती है. अंतिरिक्षीय कबाड़ की सतह से आने वाली प्रतिध्वनि बहुत कमजोर होती है जिससे सटीकता घटती है. पहले  लगभग एक किलोमीटर तक कबाड़ का सही-सही पता लगाने को लेकर लेजर रेंजिंग में सुधार किया गया था. बता दें कि इस प्रणाली के ब्योरे ‘जर्नल ऑफ लेजर ऐप्लिकेशन्स' में दिए गए हैं.



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
 
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