न्यूयॉर्क टाइम्स का दावा - भारतीय-अमेरिकी वकील ने लिखा है रिपब्लिकन मेमो

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘कैश मेमो’ में एफबीआई को नकारात्मक तरीके से दिखाया गया है.

न्यूयॉर्क टाइम्स का दावा - भारतीय-अमेरिकी वकील ने लिखा है रिपब्लिकन मेमो

(प्रतीकात्मक तस्वीर)

खास बातें

  • पटेल ने मीडिया रिपोर्ट को खारिज करते हुए उसे ‘पूरी तरह गलत’ करार दिया.
  • बताया, ‘टाइम्स की खबर पूरी तरह गलत है.
  • रिपोर्ट के मुताबिक, ‘कैश मेमो’ में एफबीआई को नकारात्मक तरीके से दिखाया.
वॉशिंगटन:

अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई पर राजनीतिक पूर्वाग्रह का आरोप लगाने वाला विवादित रिपब्लिकन मेमो मुख्य रूप से भारतीय-अमेरिकी वकील कश्यप ‘कैश’ पटेल द्वारा लिखा गया है. एक मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘कैश मेमो’ में एफबीआई को नकारात्मक तरीके से दिखाया गया है. उसमें आरोप लगाया गया है कि एजेंसी ने 2016 के राष्ट्रपति चुनावों में जीत हासिल करने वाले डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ डेमोक्रेटिक पार्टी और इसकी राष्ट्रपति उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन की मदद की.

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बहरहाल, पटेल ने मीडिया रिपोर्ट को खारिज करते हुए उसे ‘पूरी तरह गलत’ करार दिया. खुफिया मामलों पर सदन की स्थायी प्रवर समिति में आतंकवाद निरोधक मुद्दे पर वरिष्ठ वकील पटेल ने बताया, ‘टाइम्स की खबर पूरी तरह गलत है. यह दुख की बात है कि इतना नामचीन मीडिया संगठन तथ्यों को नहीं बताता है, खासकर तब जब उन्होंने अनुरोध किया और उन्हें प्राप्त भी हुआ.’

रिपोर्ट में कहा गया कि मेमो मुख्य रूप से रिपब्लिकन ऑफ कैलिफोर्निया और खुफिया समिति के अध्यक्ष डेविन नून्स के कमेटी स्टाफ सदस्य पटेल की ओर से लिखा गया. कांग्रेस (संसद) सदस्य नून्स के दफ्तर, जहां पटेल काम करते हैं, ने इस रिपोर्ट को खारिज किया है कि पटेल ने मेमो लिखा है. उनका कहना है कि यह एक सामूहिक और टीम का प्रयास है.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)