NDTV Khabar

पाकिस्तान में दिखा शहीद भगत सिंह के प्रति प्रेम, सर्वोच्च वीरता पदक ‘निशान-ए-हैदर’ देने की उठी आवाज

पाकिस्तानी संगठन ने मांग की है कि लाहौर के शादमान चौक पर शहीद भगत सिंह की प्रतिमा लगाई जानी चाहिए.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
पाकिस्तान में दिखा शहीद भगत सिंह के प्रति प्रेम, सर्वोच्च वीरता पदक ‘निशान-ए-हैदर’ देने की उठी आवाज

भगत सिंह (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. पाकिस्तानी संगठन ने शहीद भगत सिंह को सर्वोच्च सम्मान देने की मांग की
  2. लाहौर में शहीद भगत सिंह की मूर्ति लगाने की भी मांग की.
  3. संगठन स्वतंत्रता सेनानियों को निर्दोष साबित करने का काम करता है.
लाहौर: भारत के वीर सपूत और शहीद-ए-आजम को पाकिस्तान में वहां का सर्वोच्च वीरता पदक देने की मांग जोर पकड़ने लगी है. पाकिस्तान के एक संगठन ने मांग की है कि शहीद-ए-आजम भगत सिंह को देश का सर्वोच्च वीरता पदक ‘निशान ए हैदर’ दिया जाना चाहिए और लाहौर के शादमान चौक पर उनकी प्रतिमा लगाई जानी चाहिए. जहां 86 साल पहले उन्हें फांसी दी गई थी. मांग उठाने वाला संगठन अदालत में स्वतंत्रता सेनानियों को निर्दोष साबित करने के लिए काम कर रहा है. भगत सिंह और उनके दो साथियों-राजगुरु और सुखदेव को गोरी हुकूमत के खिलाफ षड्यंत्र और ब्रिटिश पुलिस अधिकारी जॉन पी सांडर्स की हत्या के आरोप में 23 मार्च 1931 को लाहौर में फांसी दी गई थी.

यह भी पढ़ें - भगत सिंह से सीखें लाइफ में कैसे हों सफल, जानिए क्या बोला था युवाओं से

भगत सिंह मेमोरियल फाउंडेशन ने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की सरकार को ताजा याचिका देकर कहा कि भगत सिंह ने उपमहाद्वीप की स्वतंत्रता के लिए अपना बलिदान दिया था। इसने अपने आवदेन में कहा, ‘पाकिस्तान के संस्थापक कायदे आजम मोहम्मद अली जिन्ना ने स्वतंत्रता सेनानी को यह कहते हुए श्रद्धांजलि दी थी कि उपमहाद्वीप में उनके जैसा कोई वीर व्यक्ति नहीं हुआ है.’ संगठन ने कहा, ‘भगत सिंह हमारे नायक हैं और वह मेजर अजीज भट्टी की तरह ही सर्वोच्च वीरता पुरस्कार (निशान ए हैदर) पाने के हकदार हैं, जिन्होंने भगत सिंह की वीरता पर लिखा था और उन्हें हमारा नायक तथा आदर्श घोषित किया था.’ 

फाउंडेशन ने शादमान चौक का नाम भगत सिंह चौक किए जाने की भी मांग की तथा कहा कि पंजाब सरकार को इसमें और विलंब नहीं करना चाहिए. इसने कहा, ‘जो देश अपने नायकों को भुला देते हैं, वे धरती की सतह से गलत शब्दों की तरह मिट गए हैं.’ हाफिज सईद का संगठन जमात उद दावा शादमान चौक का नाम बदलने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध कर रहा है और उसने इस मुद्दे पर सिविल सोसाइटी के लोगों को धमकी भी दी है. इसने यह भी कहा कि सरकार को शादमान चौक पर भगत सिंह की प्रतिमा भी स्थापित करनी चाहिए जिससे कि पाकिस्तान और विश्व के लोगों को स्वतंत्रता सेनानी के प्रतीक के रूप में प्रेरणा मिले.

यह भी पढ़ें - शहीद भगत सिंह ने फांसी से एक दिन पहले लिखा था आखिरी खत, जानिए क्या था उसमें

टिप्पणियां
फाउंडेशन के अध्यक्ष इम्तियाज रशीद कुरैशी ने पीटीआई से कहा कि वह इस मामले को लगातार उठाते रहेंगे और मांग मानने के लिए सरकार पर दबाव डालते रहेंगे. कुरैशी लाहौर हाईकोर्ट में भगत सिंह और उनके दो साथियों से संबंधित मामले को फिर से खोलने की लड़ाई भी लड़ रहे हैं जिससे कि इन स्वतंत्रता सेनानियों को निर्दोष साबित किया जा सके. मामला अदालत में लंबित है.

VIDEO: शहीद भगत सिंह की शख्सियत से कितने वाकिफ हैं हम? (इनपुट भाषा से)


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement