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पाकिस्तानी अखबार का सुझाव, मसूद अजहर के मामले में रोड़ा न अटकाएं चीन-पाकिस्तान

'डॉन' ने चीन और पाकिस्तान को सुझाव दिया है कि उन्हें जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी चिह्नित करने के रास्ते में रोड़ा नहीं अटकाना चाहिए.

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पाकिस्तानी अखबार का सुझाव, मसूद अजहर के मामले में रोड़ा न अटकाएं चीन-पाकिस्तान

'डॉन' ने अपने संपादकीय में चीन और पाकिस्तान को सुझाव दिया है.

नई दिल्ली :

पाकिस्तान के प्रमुख अखबार 'डॉन' ने चीन और पाकिस्तान को सुझाव दिया है कि उन्हें जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी चिह्नित करने के रास्ते में रोड़ा नहीं अटकाना चाहिए. अखबार ने संपादकीय में पाकिस्तान में आतंकी समूहों पर सख्त कार्रवाई करने पर जोर देते हुए कहा कि ऐसा करने से इस्लामाबाद को अंतरराष्ट्रीय समुदाय का आदर-सम्मान दोबारा प्राप्त होगा. कोई भी ‘अच्छा' या ‘बुरा' आतंकी समूह नहीं होता है और ये समूह या तो देश में तबाही लाते हैं या तबाही लाते रहे हैं. अखबार के संपादकीय में कहा गया है, ‘...लेकिन उम्मीद है कि अब यह नजरिया खत्म हो चुका है क्योंकि प्रधानमंत्री इमरान खान ने वादा किया है कि किसी भी समूह को आतंकी गतिविधियों के लिए पाकिस्तान की जमीन के इस्तेमाल की इजाजत नहीं दी जाएगी. उनको अपने वादे पर खरा उतरना चाहिए. यही एकमात्र रास्ता है जिसके जरिए पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय समुदाय का आदर-सम्मान हासिल कर सकता है और इसी तरह से भारत के पाकिस्तान को अलग-थलग करने के प्रचार का मुकाबला कर सकता है.''

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डॉन ने संपादकीय में कहा है, ‘‘ज्यादातर आतंकी समूहों पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है लेकिन यह सुनिश्चित किए जाने की जरूरत है कि ये सभी फिर से पुनर्जीवित न हो पाएं. अगर दुनिया मसूद अजहर को काली सूची में डालना चाहती है तो पाकिस्तान को इस पर हिचकिचाना नहीं चाहिए और न ही चीन को ऐसा करना चाहिए.'' चीन ने पिछले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में चौथी बार मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने की राह रोक दी थी. इस कदम को भारत ने निराशाजनक बताया था. जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को सीआरपीएफ के जवानों पर हुए हमले की जिम्मेदारी जैश ने ली थी और इसके बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था. इस हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे.

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आतंकवाद पर बदला चीन का रुख 

आपको बता दें कि जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करवाने के भारत के प्रयासों में बार-बार अड़ंगा लगाने वाले चीन ने पहली बार माना है कि मुंबई पर 2008 में लश्‍कर-ए-तैयबा ने हमला किया था और यह दुनिया के सबसे भयावह हमलों में से एक है. चीन ने स्वीकार किया है कि मुंबई पर हुआ आतंकवादी हमला दुनिया के ‘अति कुख्यात' हमलों में से एक है. अपने अशांत शियानजियांग प्रांत में उग्रवादियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई के बारे में निकाले श्वेत पत्र में चीन ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक स्तर पर आतंकवाद एवं उग्रवाद के फैलाव से मानवता को पीड़ा पहुंची है. इसी श्वेत पत्र में मुंबई के आतंकवादी हमले को ‘‘अति कुख्यात आतंकवादी हमलों'' में से एक बताया गया है. (इनपुट- भाषा से भी)

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