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कुलभूषण जाधव मामला: ICJ में भारत की दलीलों का जवाब देने के लिए पाक ने पूर्व चीफ जस्टिस को एड-हॉक जज नियुक्त किया

अंतरराष्ट्रीय अदालत (आईसीजे) में कुलभूषण जाधव मामले में भारत की दलीलों का जवाब देने के लिए पाकिस्तान ने पूर्व चीफ जस्टिस तसादुक हुसैन जिलानी को एड-हॉक जज नियुक्त किया है. पाकिस्तान अब आईसीजे में अपनी याचिका दायर करने की तैयारी शुरू कर दी है.

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कुलभूषण जाधव मामला: ICJ में भारत की दलीलों का जवाब देने के लिए पाक ने पूर्व चीफ जस्टिस को एड-हॉक जज नियुक्त किया

पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव. (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. पाकिस्तान ने ICJ में याचिका दायर करने की तैयारी शुरू की
  2. पूर्व चीफ जस्टिस तसादुक हुसैन जिलानी को एड-हॉक जज बनाया
  3. भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को पाक ने मौत की सजा सुनाई है
इस्लामाबाद: अंतरराष्ट्रीय अदालत (आईसीजे) में कुलभूषण जाधव मामले में भारत की दलीलों का जवाब देने के लिए पाकिस्तान ने पूर्व चीफ जस्टिस तसादुक हुसैन जिलानी को एड-हॉक जज नियुक्त किया है. पाकिस्तान अब आईसीजे में अपनी याचिका दायर करने की तैयारी शुरू कर दी है. भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी जाधव को पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने मार्च 2016 में बलूचिस्तान से पकड़ा था. इसके बाद पाकिस्तान के एक सैन्य अदालत में जाधव के खिलाफ मुकदमा चलाया गया था. जिसने उन्हें 'जासूसी और विध्वंसक गतिविधियों' के आरोप में मौत की सजा सुनाई थी.

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आईसीजे ने पाकिस्तान से कहा था कि वह इस पर अदालत के समक्ष 13 दिसंबर या उससे पहले लिखित जवाब दे, जिससे अदालत आगे की कार्यवाही शुरू कर सके. विदेश कार्यालय के सूत्रों के मुताबिक अटॉर्नी जनरल अश्तर औसफ अली ने विदेश मंत्रालय के विधि विशेषज्ञों और अधिकारियों तथा प्रासंगिक विभागों की एक बैठक की अध्यक्षता की और अंतरराष्ट्रीय अदालत में बहस की दलीलों पर चर्चा की.

VIDEO: जाधव मामले पर पुनर्विचार की गुंजाइश-अब्दुल बासित, पाक उच्चायुक्त

सूत्रों ने कहा, हम पूरी ताकत से अपनी स्थिति का बचाव करेंगे, जो इस तथ्य पर आधारित है कि जाधव एक भारतीय जासूस है. उसे पाकिस्तान में जासूसी और विध्वंसक गतिविधियों का जिम्मा सौंपा गया था. इस बीच औसफ ने डॉन को बताया कि उन्होंने स्थिति की समीक्षा करने के लिए साप्ताहिक बैठकें करने का फैसला लिया है. इससे इस्लामाबाद के नजरिये को अंतिम रूप दिया जा सके और उसे भारत के आरोपों के लिए एक उचित प्रतिवेदन के तौर पर बदला जा सके.


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