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पाकिस्तान पर मेहरबान अमेरिका देगा करोड़ों डॉलर का सहायता पैकेज

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इस्लामाबाद/नई दिल्ली: हाफ़िज़ सईद और मसूद अज़हर जैसे आतंक के आरोपियों को पनाह देने के बावजूद पाकिस्तान का आतंकवाद विरोधी रिकॉर्ड अमेरिका की नज़र में अच्छा है। अमेरिका ने पाकिस्तान को ये सर्टिफिकेट दे दिया है।

अमेरिका जल्दी ही पाकिस्तान को 53.2 करोड़ डॉलर का सहायता पैकेज देने वाला है, जो आर्थिक वृद्धि, सामुदायिक विकास और आतंकवाद विरोधी प्रयासों में मदद के लिए होगा। यह बात आज यहां अमेरिकी राजदूत ने कही।

पाकिस्तान में अमेरिका के राजदूत रिचर्ड ओल्सन ने वित्तमंत्री इसहाक डार से कहा कि यह अनुदान जल्द से जल्द प्रदान किया जाएगा, क्योंकि अमेरिकी कांग्रेस ने इसकी मंजूरी दे दी है।

वित्त मंत्रालय के मुताबिक, नागरिक सहायता पैकेज 'केरी-ल्यूगर अधिनियम 2010' के तहत दिया जाएगा, जिसकी अवधि सितंबर 2014 में समाप्त हो गई।

ओल्सन ने कहा कि यह राशि ऊर्जा, आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई, आर्थिक वृद्धि, सामुदायिक विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए दी जाएगी।

पाकिस्तान के लिए अमेरिकी राजदूत रिचर्ड ओलसन ने इस बात का खुलासा किया कि यह प्रमाणपत्र पाकिस्तान को नागरिक सहायता के लिए केरी-लुगार विधेयक के तहत आर्थिक मदद की एक शर्त है। पाकिस्तान को 53.2 करोड़ डॉलर का इस साल का अनुदान जल्द ही जारी किया जाएगा। कांग्रेस ने राष्ट्रपति ओबामा को इसके लिए अपनी मंजूरी दे दी है।

अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी के इस महीने के अंत में इस्लामाद की यात्रा पर जाने से पहले यह प्रमाणपत्र जारी किया गया है। हालांकि, गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर ओबामा के शरीक होने से पहले केरी के भारत की यात्रा करने का भी कार्यक्रम है। गांधीनगर में 11 जनवरी से होने वाले 'वाइब्रेंट गुजरात' सम्मेलन में केरी के शरीक होने का कार्यक्रम है।

इस बीच, पाकिस्तान को आतंकवाद पर लगाम लगाने का अमेरिकी प्रमाणपत्र मिलने से उसे आर्थिक मदद का रास्ता साफ हो जाने पर भारत ने सख्त प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा कि उसका पड़ोसी मुल्क लश्कर-ए-तैयबा और अल कायदा सहित आतंकवादी संगठनों के खिलाफ न तो सतत प्रतिबद्धता दिखा रहा है और न ही उन्हें दी जाने वाली सहायता रोकी जा रही है। इसके साथ ही उनके ठिकाने भी नेस्तनाबूद नहीं किए जा रहे।

हालांकि, विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका सरकार अमेरिकी करदाताओं के धन को चाहे जिस भी तरह से खर्च करने का फैसला करे, यह उसका विशेषाधिकार है। भारत इस खबर पर टिप्पणी कर रहा था कि अमेरिका ने पाकिस्तान को इस आश्य का प्रमाणपत्र दिया है कि उसने अपनी सरजमीं से अलकायदा, तालिबान और इससे जुड़े लश्कर ए तैयबा तथा जैश ए मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों को संचालित होने से रोका।


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