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पाकिस्तान : नए पीएम शाहिद अब्बासी भी नहीं हैं 'शरीफ', फंसे हैं 22 हजार करोड़ के घोटाले में

नवाज शरीफ के हटने के बाद शाहिद खाकन अब्बासी को पाकिस्तान को नया अंतरिम प्रधानमंत्री बनाया गया है. वह अगले 45 दिनों तक पीएम रहेंगे.

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पाकिस्तान : नए पीएम शाहिद अब्बासी भी नहीं हैं 'शरीफ', फंसे हैं 22 हजार करोड़ के घोटाले में

पाकिस्तान के अंतरिम प्रधानमंत्री शाहिद खाकन अब्बासी .. .

खास बातें

  1. अब्बासी ने कहा है कि नवाज शरीफ की नीतियों को आगे बढ़ाएंगे
  2. अब्बासी 220 अरब रुपये के भ्रष्टाचार के आरोप का सामना कर रहे हैं
  3. एनएबी ने 29 जुलाई, 2015 को मामला दर्ज किया था
इस्लामाबाद: नवाज शरीफ के हटने के बाद शाहिद खाकन अब्बासी को पाकिस्तान को नया अंतरिम प्रधानमंत्री बनाया गया है. वह अगले 45 दिनों तक पीएम रहेंगे. पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज यानी पीएमएल-एन की तरफ से सर्वसम्मति से चुने गए अब्बासी ने कहा है कि वह पद से हटाए गए प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की नीतियों को आगे बढ़ाने का काम करेंगे. हालांकि अब्बासी भी 220 अरब रुपये के भ्रष्टाचार के लिए नेशनल अकाउंटिबिलिटी ब्यूरो की जांच का सामना कर रहे हैं.

हालांकि, अब्बासी ने अवैध संपत्ति रखने के आरोप का खंडन करते हुए विपक्षियों को वित्तीय अनियमितता साबित करने की चुनौती दी. उन्होंने कहा, 'जो भी मेरे खिलाफ टिप्पणी दर्ज करना चाहता है, वह ऐसा करने के लिए स्वतंत्र है.' उन्होंने कहा, 'मैंने अपनी सभी जायदाद का खुलासा कर दिया है और उसका ब्योरा पाकिस्तान गजट में साया किया गया है, इसलिए जो मेरे खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं, उन्हें पहले अपने काम की जांच करवानी चाहिए.'

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समाचार पत्र डॉन के मुताबिक, 2015 में एनएबी द्वारा तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) आयात के ठेके में हुए भ्रष्टाचार को लेकर दर्ज मामले में पूर्व पेट्रोलियम मंत्री अब्बासी मुख्य आरोपी हैं. एनएबी के दस्तावेजों के अनुसार, सार्वजनिक खरीद विनियामक प्राधिकरण (पीपीआरए) के नियमों तथा संबंधित कानूनों का उल्लंघन कर 2013 में एंग्रो की सहायक कंपनी एलेंग्री टर्मिनल को एलएनजी आयात तथा वितरण का ठेका दिया गया था.

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एनएबी ने 29 जुलाई, 2015 को मामला दर्ज किया था, लेकिन यह अभी जांच स्तर पर ही है. मामला योजना आयोग तथा एसएसजीसी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के पूर्व सदस्य शाहिद सत्तार की शिकायत पर दर्ज किया गया था. सत्तार ने अब्बासी पर पद का दुरुपयोग करने तथा 15 वर्षों के दौरान दो अरब अमेरिकी डॉलर (करीब 12,838 करोड़ रुपये) के राजस्व का नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है. एनएबी के दस्तावेजों में कहा गया है कि अब्बासी सहित मामले के सभी आरोपियों को एग्जिट कंट्रोल लिस्ट (देश छोड़ने पर रोक लगाना) में शामिल करने की सिफारिश की गई है.


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