NDTV Khabar

'पाक ने इस साल अंतरराष्ट्रीय सीमा और LOC के पास 724 बार किया संघर्ष विराम उल्लंघन'

पाकिस्तान ने इस साल जम्मू कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा के पास 720 से अधिक बार संघर्ष विराम उल्लंघन किया है

112 Shares
ईमेल करें
टिप्पणियां
'पाक ने इस साल अंतरराष्ट्रीय सीमा और LOC के पास 724 बार किया संघर्ष विराम उल्लंघन'

प्रतीकात्मक फोटो

खास बातें

  1. पाक ने 720 से अधिक बार किया संघर्ष विराम उल्लंघन
  2. संघर्ष विराम उल्लंघन की यह घटना पिछले सात साल में सबसे अधिक है
  3. साल 2016 में यह संख्या 449 थी
नई दिल्ली: पाकिस्तान ने इस साल जम्मू कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा के पास 720 से अधिक बार संघर्ष विराम उल्लंघन किया है. संघर्ष विराम उल्लंघन की यह घटना पिछले सात साल में सबसे अधिक है. केंद्रीय गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने इस साल अक्तूबर तक अंतरराष्ट्रीय सीमा एवं नियंत्रण रेखा के पास 724 बार संघर्षविराम उल्लंघन किया है, जबकि वर्ष 2016 में यह संख्या 449 थी.

यह भी पढ़ें: पाक की फायरिंग में आठ भारतीय नागरिकों की मौत, जवाबी कार्रवाई में 14 पाकिस्तानी चौकियां नष्ट

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने आंकड़े का हवाला देते हुए कहा कि अक्तूबर तक सीमा पार से हुई गोलीबारी में कम से कम 12 स्थानीय नागरिक मारे गये एवं 17 सुरक्षा कर्मी शहीद हो गये. इसके अनुसार सीमा पार से हुई गोलीबारी में कुल 79 स्थानीय नागरिक और 67 सुरक्षा कर्मी घायल हुए. अंतरराष्ट्रीय सीमा, नियंत्रण रेखा और जम्मू कमश्मीर में वास्तविक जमीनी स्थिति रेखा (एजीपीएल) के पास भारत एवं पाकिस्तान के बीच युद्धविराम नवंबर 2003 में प्रभाव में आया था.

यह भी पढ़ें: भारत ने सीजफायर उल्लंघन का दिया करारा जवाब, चार पाकिस्तानी चौकियां तबाह

पाकिस्तान के साथ लगती भारत की 3,323 किलोमीटर लंबी सीमा रेखा है, जिसमें जम्मू कश्मीर में 221 किलोमीटर अंतरराष्ट्रीय सीमा और 740 किलोमीटर नियंत्रण रेखा से लगती है. वर्ष 2016 में संघर्ष विराम उल्लंघन की 449 घटनाएं हुई थीं जिनमें 13 स्थानीय नागरिक मारे गये थे एवं 13 सुरक्षा कर्मी शहीद हो गये थे तथा 83 स्थानीय नागरिक एवं 99 सुरक्षाकर्मी घायल हो गये थे.

VIDEO:जम्मू में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर आम लोगों के लिए बन रहे हैं अंडरग्राउंड बंकर
वर्ष 2015 में संघर्ष विराम उल्लंघन की 405 घटनाएं, वर्ष 2013 में 347, वर्ष 2012 में 114, वर्ष 2011 में 62 और वर्ष 2010 में 62 घटनाएं हुई थीं.


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement