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अदालत में पेशी से ठीक पहले परवेज मुशर्रफ एक बार फिर अस्पताल में भर्ती

संगीन राजद्रोह के आरोपों का सामना कर रहे पाकिस्तान के पूर्व सैन्य तानाशाह परवेज मुशर्रफ की तबियत अचानक बिगड़ने पर उन्हें सोमवार को दुबई के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया.

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अदालत में पेशी से ठीक पहले परवेज मुशर्रफ एक बार फिर अस्पताल में भर्ती

पाकिस्तान के पूर्व सैन्य तानाशाह परवेज मुशर्रफ.

इस्लामाबाद:

संगीन राजद्रोह के आरोपों का सामना कर रहे पाकिस्तान के पूर्व सैन्य तानाशाह परवेज मुशर्रफ की तबियत अचानक बिगड़ने पर उन्हें सोमवार को दुबई के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया. यह जानकारी उनकी पार्टी ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एपीएमएल) ने दी है. बीते कई सालों से दुबई में रह रहे मुशर्रफ को पांच दिसंबर को पाकिस्तान की एक अदालत में अपना बयान दर्ज कराना था. एपीएमएल की महासचिव महरीन मलिक आदम ने कहा, 'पूर्व राष्ट्रपति जनरल (सेवानिवृत्त) परवेज मुशर्रफ की तबियत अचानक काफी बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उनकी सेहत इन दिनों बहुत खराब चल रही है और वह दुबई में इलाज करा रहे हैं.'

इस्लामाबाद की एक विशेष अदालत ने मुशर्रफ को निर्देश दिया हुआ है कि वह संगीन राजद्रोह मामले में पांच दिसंबर 2019 को अपना बयान दर्ज कराएं. विशेष अदालत ने मुशर्रफ को कई बार तलब किया था, लेकिन वह पेश नहीं हुए थे. विशेष अदालत ने 19 नवंबर को मामले की सुनवाई पूरी कर ली थी और कहा था कि वह 28 नवंबर को फैसला सुनाएगी. इसके बाद न केवल मुशर्रफ बल्कि पाकिस्तान की इमरान सरकार ने भी इस्लामाबाद हाईकोर्ट की शरण ली और विशेष अदालत को फैसला सुनाने से रोकने की अपील की. इनका कहना था कि अस्वस्थ होने के कारण मुशर्रफ मामले में अपना पक्ष नहीं रख सके हैं. उन्हें पक्ष रखने दिया जाए. इस पर इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने अदालत को फैसला सुनाने से रोक दिया और मामले की सुनवाई पांच दिसंबर से करने को कहा.


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विशेष अदालत ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को ही मानेगी और हाईकोर्ट के निर्देश उसके लिए मायने नहीं रखते. लेकिन, इसके साथ ही विशेष अदालत ने फैसला नहीं सुनाते हुए, एक बार फिर मुशर्रफ को पक्ष रखने का मौका देते हुए उन्हें पांच दिसंबर को अपना पक्ष रिकार्ड कराने का आदेश दिया था. अब, इससे ठीक तीन दिन पहले मुशर्रफ की तबियत अचानक बिगड़ गई है, ऐसे में एक बार फिर उनके द्वारा पक्ष रखे जाने के आसार बहुत कम लग रहे हैं.

मुशर्रफ पर नवंबर 2007 में देश पर 'संविधान के खिलाफ जाकर आपातकाल थोपने' का आरोप है. इस मामले में दोष सिद्ध होने पर मौत की सजा तक मिल सकती है.



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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