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डोकलाम विवाद के बीच ब्रिक्स में क्षेत्रीय मुद्दों पर हुई चर्चा, चिनफिंग ने 'आपसी विश्वास' मजबूत करने पर दिया जोर

भारत और चीन के बीच पिछले एक महीने से सिक्किम सीमा पर जारी गतिरोध के बीच शुक्रवार को एनएसए अजीत डोभाल ने चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से मुलाकात की.

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डोकलाम विवाद के बीच ब्रिक्स में क्षेत्रीय मुद्दों पर हुई चर्चा, चिनफिंग ने 'आपसी विश्वास' मजबूत करने पर दिया जोर

ब्रिक्स सम्मेलन को संबोधित करते चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग.

खास बातें

  1. मुलाकात में क्या बात हुई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है
  2. चिनफिंग ने 'आपसी विश्वास' को मजबूत करने पर जोर दिया
  3. अजीत डोभाल चानी समकक्ष यांग जेची से भी मिले
नई दिल्ली:

भारत और चीन के बीच पिछले एक महीने से सिक्किम सीमा पर जारी गतिरोध के बीच शुक्रवार को भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से मुलाकात की. इस दौरान ब्रिक्स देशों के शीर्ष सुरक्षा प्रतिनिधि भी शामिल थे. हालांकि भारत सरकार की तरफ से अभी तक मुलाकात में किस बारे में चर्चा हुई इसका आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि चीनी राष्ट्रपति और भारतीय एनएसए के बीच डोकलाम विवाद के साथ-साथ और भी कई  मुद्दों पर बातचीत हुई है. 

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आपसी विश्वास पर जोर
बैठक में क्षेत्रीय मुद्दे छाए रहे. चीनी राष्ट्रपति शी ने ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान सुरक्षा प्रमुखों के साथ बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों को संबोधित करते हुए 'आपसी विश्वास' को लगातार मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया. शी इस साल ब्रिक्स समूह का नेतृत्व कर रहे हैं. बैठक के दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा और तनाव पर चर्चा की थी. 

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गौरतलब है कि इससे पहले एनएसए डोभाल और उनके चीनी समकक्ष एवं स्टेट काउंसिलर यांग जेची ने गुरुवार को ब्रिक्स के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों की बैठक से इतर मुलाकात की थी और द्विपक्षीय संबंधों में बड़ी समस्याओं पर चर्चा की थी.  डोभाल और यांग की मुलाकात के बारे में चीनी विदेश मंत्रालय ने एक संक्षिप्त बयान में कहा कि यांग ने द्विपक्षीय मुद्दों एवं बड़ी समस्याओं पर चीन के रुख को विस्तार से रखा. विदेश मंत्रालय के इस कथन को डोकलाम इलाके में बने गतिरोध से जोड़कर देखा जा रहा है.  



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