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उत्‍तर कोरियाई तानाशाह का 'हाथ' थामे हैं रूस और चीन- अमेरिका, रूस ने सैन्‍य कार्रवाई का विरोध किया

रूसी उप राजदूत व्लादिमीर सेफ्रनकोव ने परिषद के आपात सत्र में कहा, ''सभी को यह समझना चाहिए कि प्रतिबंधों से समस्या नहीं सुलझेगी. इससे हम बस एक गतिरोध की ओर बढ़ते हैं.''

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उत्‍तर कोरियाई तानाशाह का 'हाथ' थामे हैं रूस और चीन- अमेरिका, रूस ने सैन्‍य कार्रवाई का विरोध किया

संयुक्‍त राष्‍ट्र में अमेरिकी राजदूत निक्‍की हेली (फाइल फोटो)

संयुक्त राष्ट्र: उत्‍तर कोरिया द्वारा हाल ही में किए गए अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण (ICBM) के बाद अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र में प्योंगयांग के खिलाफ कड़े प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई है. संयुक्‍त राष्‍ट्र में अमेरिकी राजदूत निक्‍की हेली ने चीन और रूस पर उत्‍तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन का हाथ थामने का आरोप लगाया. दरअसल उत्‍तर कोरिया के खिलाफ रूस और चीन सुरक्षा परिषद के निंदा प्रस्‍ताव और कठोर आर्थिक प्रतिबंधों का विरोध कर रहा है. इसकी मुखालफत करते हुए निक्‍की हेली ने मॉस्‍को और बीजिंग की आलोचना की. इसके साथ ही हेली ने उत्‍तर कोरिया के लिए कहा कि प्‍योंगयांग तेजी से कूटनीतिक समाधान की संभावनाओं को खत्‍म करता जा रहा है और इस कारण यदि जरूरी हुआ तो अमेरिका उसके खिलाफ सैन्‍य कार्रवाई की संभावना पर विचार करेगा.

परिषद में दिए गए कड़े संबोधन में अमेरिकी राजदूत निकी हेली ने कहा कि मंगलवार के आईसीबीएम परीक्षण ने ''दुनिया को पहले से अधिक खतरनाक जगह बना दिया है'' और परमाणु हथियारों से लैस प्योंगयांग से निपटने के लिए अगर बल प्रयोग की जरूरत पड़ती है तो वाशिंगटन उसके लिए भी तैयार है. उत्‍तर कोरियाई नेतृत्व के खिलाफ सटीक हमले की कृत्रिम स्थिति तैयार करके अमेरिका और दक्षिण कोरियाई बलों की ओर से मिसाइलें दागी जाने के बाद हेली ने स्पष्ट कर दिया है कि युद्ध के लिए उतरने से पहले अमेरिका कूटनीतिक रास्ते अपनाएगा. उन्होंने कुछ ही दिन के भीतर नए मसौदा प्रतिबंध विधेयक जमा कराने का दावा किया.

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उधर रूस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से कहा कि वह उत्‍तर कोरिया के खिलाफ नए प्रतिबंधों का विरोध करता है और प्योंगयांग के खिलाफ सैन्य विकल्प चुनना 'अस्वीकार्य' है. रूसी उप राजदूत व्लादिमीर सेफ्रनकोव ने परिषद के आपात सत्र में कहा, ''सभी को यह समझना चाहिए कि प्रतिबंधों से समस्या नहीं सुलझेगी. इससे हम बस एक गतिरोध की ओर बढ़ते हैं.''
उत्‍तर कोरिया द्वारा एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किए जाने के बाद आयोजित सत्र में उन्होंने कहा, ''सैन्य हल की वकालत करने वाला कोई भी प्रयास अस्वीकार्य है.''

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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