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सहयोगियों के साथ कतर संकट पर चर्चा करेगा सऊदी अरब

संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और मिस्र समेत चार अरब राष्ट्रों ने कतर पर चरमपंथियों का समर्थन करने का आरोप लगाया था. बहरहाल कतर ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था.

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सहयोगियों के साथ कतर संकट पर चर्चा करेगा सऊदी अरब

फाइल फोटो

काहिरा : कतर के साथ संबंध समाप्त कर चुके सऊदी अरब और सहयोगी बुधवार को खाड़ी राजनयिक संकट पर मिस्र में वार्ता करेंगे. कतर ने सऊदी अरब एवं अरब सहयोगियों की मांगें मानने से इनकार करते हुए यह कहा था कि उनकी मांगें पूरी करना असंभव है. संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और मिस्र समेत चार अरब राष्ट्रों ने कतर पर चरमपंथियों का समर्थन करने का आरोप लगाया था. बहरहाल कतर ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था.

उनकी मांगें मानने के लिये 10 दिन की अंतिम समय सीमा रविवार को खत्म होने के बाद उन्होंने अलग थलग पड़े अमीरात को उनकी अंतिम चेतावनी मानने के लिये 48 घंटे की अतिरिक्त मोहलत दी थी. सऊदी अरब ने आज सुबह कहा कि उन्हें कतर की प्रतिक्रिया मिल गई है और इसका वे ''उचित समय'' आने पर जवाब देंगे.

कतर के साथ राजनयिक एवं कारोबारी संबंध खत्म कर चुके चारों देशों के विदेश मंत्री आज काहिरा में मुलाकात करने वाले हैं. कतर के विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी ने विवाद में मध्यस्थता कर रहे कुवैत को सोमवार को आधिकारिक जवाब भेजा था. हालांकि इसमें क्या लिखा है इसका खुलासा नहीं किया गया है. कतर ने कहा है कि अब वह दबाव के आगे नहीं झुकेगा और इसलिए उनकी (सऊदी एवं अरब सहयोगियों की) मांगें खारिज होती प्रतीत हो रही हैं.

शेख मोहम्मद ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि चारों देशों की मांगों की सूची ''अवास्तविक और कार्रवाई योग्य नहीं हैं. उन्होंने कहा, ''यह आतंकवाद के बारे में नहीं है, यह अभिव्यक्ति की आजादी को खत्म करने की बात करता है.'' सऊदी एवं उनके सहयोगियों की मांगों में मुस्लिम ब्रदरहुड का समर्थन खत्म करना, अल-जजीरा का प्रसारण बंद करना, ईरान के साथ राजनयिक संबंध सीमित करना और अमीरात में तुर्की का सैन्य ठिकाना बंद करना शामिल है. सऊदी अरब और उसके समर्थकों ने कतर के साथ हवाई, समुद्री एवं जमीनी संपर्क समाप्त कर दिया है.

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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