वैज्ञानिकों ने बनाया गायब होने वाला कपड़ा, नाइट विजन डिवाइस से भी देखना मुश्किल

अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के प्रोफेसर एलन गोरोडेट्स्की ने कहा कि हमने एक सौम्य कपड़े का आविष्कार किया है जो स्क्विड की त्वचा की तरह ही ताप को प्रतिबिंबित कर सकता है.

वैज्ञानिकों ने बनाया गायब होने वाला कपड़ा, नाइट विजन डिवाइस से भी देखना मुश्किल

प्रतीकात्मक चित्र

नई दिल्ली:

समुद्री जीव‘स्कि्वड’ के गुण- स्वभाव से प्रेरित होकर वैज्ञानिकों ने एक ऐसा परिधान विकसित किया है जो अपने द्वारा प्रतिबिंबित किए जाने वाले ताप के तरीके में बदलाव कर सकता है. इस लिबास को उस उपकरण की मदद से भी नहीं देखा सकता जो रात में महीन और बारीक चीजों का भी पता लगा लेते हैं. यह सौम्य और महीन कपड़ा खींचे जाने या बिजली से चालू करने पर एक सेकेंड के अंदर अपनी सतहों को बहुत तेजी से सपाट बना या सिकोड़ सकता है. कपड़े की इस विशेषता के कारण इंफ्रारेड रात्रि दृष्टि उपकरणों के जरिए भी उनका पता नहीं लगाया जा सकता. साथ ही यह कपड़ा अपने तापमान में फेरबदल भी कर सकता है.

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अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के प्रोफेसर एलन गोरोडेट्स्की ने कहा कि हमने एक सौम्य कपड़े का आविष्कार किया है जो स्क्विड की त्वचा की तरह ही ताप को प्रतिबिंबित कर सकता है. यह आविष्कार सैन्य टुकड़ियों के बेहतर ढंग से छिपने में मददगार हो सकता है. साथ ही यह अंतरिक्षयानों के लिए बेहतर इंसुलेशन उपलब्ध कराने, भंडारण के लिए बेहतर डिब्बे बनाने, आपातकाल शिविर, नैदानिक देख- रेख और हीटिंग व कूलिंग सिस्टम के निर्माण में भी सहायक हो सकता है. गोरोडेट्स्की ने कहा कि उन्होंने यह अनोखी तकनीक विकसित करने के लिए वैज्ञानिक कल्पना और वैज्ञानिक तथ्य दोनों को मिलाया. इस आविष्कार से जुड़ा अध्ययन‘साइंस’ पत्रिका में प्रकाशित हुआ है.(इनपुट भाषा से) 

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