शेख हसीना लगातार तीसरी बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री बनीं

शेख हसीना (Sheikh Hasina) ने लगातार तीसरे कार्यकाल के लिये सोमवार को बांग्लादेश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली. इसके साथ ही शेख हसीना रिकॉर्ड चौथी बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री बन गई.

शेख हसीना लगातार तीसरी बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री बनीं

शेख हसीना (Sheikh Hasina) चौथी बार बनीं बांग्लादेश की पीएम (फाइल फोटो)

खास बातें

  • शेख हसीना लगातार तीसरी बार बांग्लादेश की पीएम बनीं
  • 30 दिसंबर के चुनावों में उनकी पार्टी ने जबरदस्त जीत हासिल की थी
  • राष्ट्रपति ने बंगभवन में 71 वर्षीय हसीना को पीएम पद की शपथ दिलाई
ढाका:

शेख हसीना (Sheikh Hasina) ने लगातार तीसरे कार्यकाल के लिये सोमवार को बांग्लादेश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली. इसके साथ ही शेख हसीना (Sheikh Hasina) रिकॉर्ड चौथी बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री बन गई. उनकी पार्टी अवामी लीग ने 30 दिसंबर के चुनावों में जबरदस्त जीत हासिल की थी. राष्ट्रपति मोहम्मद अब्दुल हामिद ने बंगभवन में 71 वर्षीय हसीना को पद की शपथ दिलायी. प्रधानमंत्री के रूप में यह हसीना का चौथा कार्यकाल है. राष्ट्रपति ने उसके बाद सरकार में शामिल होने वाले नये मंत्रियों, राज्य मंत्रियों और उप मंत्रियों को पद की शपथ दिलाई. शेख हसीना (Sheikh Hasina) के मंत्रिमंडल में 24 मंत्री, 22 राज्य मंत्री होंगे. हसीना के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ ‘‘ग्रैंड अलायंस'' ने चुनावों में 96 प्रतिशत सीटों पर जीत हासिल की थी. इन चुनावों में धांधली, फर्जी वोट डालने, मतदाताओं को डराने-धमकाने और हिंसा की घटनाएं सुर्खियों में रही थीं. 

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शेख हसीना (Sheikh Hasina) एवं सत्तारूढ़ पार्टी अवामी लीग ने इन आरोपों का खंडन किया है. हसीना की कैबिनेट में ज्यादातर नए चेहरों को जगह दी गयी है. नए मंत्रिमंडल के 31 सदस्य पहली बार मंत्री बने हैं. मंत्रिमंडल में विशेष रूप से अवामी लीग के सदस्य शामिल हैं. बृहस्पतिवार को उन्हें चौथी बार सदन का नेता चुना गया. बांग्लादेश के संस्थापक बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की बेटी हसीना को कई लोग देश की लौह महिला कहते हैं. रक्षा मंत्रालय जैसे बड़े मंत्रालयों को हसीना के अपने पास ही रखने की अटकलों के बीच कई अनुभवी नेताओं को मंत्रिपरिषद से बाहर रखा गया. 

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अवामी लीग नीत ग्रैंड एलायंस की प्रमुख सहयोगी जातीय पार्टी ने शुक्रवार को तय किया था कि वह संसद में विपक्ष की भूमिका में रहेगी. पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया नीत मुख्य विपक्षी पार्टी बीएनपी ने आम चुनावों के नतीजों को मानने से इनकार कर दिया था. 

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