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सिख अमेरिकियों ने दिलाई अपने योगदान की याद, कांग्रेस में पेश किया प्रस्ताव

प्रस्ताव में कहा गया है सिख अमेरिकियों ने अपने धर्म और सेवा से सभी लोगों के बीच सम्मान हासिल कर अपनी अलग पहचान बनाई है. प्रस्ताव में कहा गया है कि वह अमेरिका और दुनियाभर में सिखों से हुए भेदभाव को मानता है.

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सिख अमेरिकियों ने दिलाई अपने योगदान की याद, कांग्रेस में पेश किया प्रस्ताव

सिख अमेरिकियों के योगदान को मान्यता देने वाला प्रस्ताव कांग्रेस में पेश

वाशिंगटन:

अमेरिका के छह सांसदों के एक द्विदलीय समूह ने देश में सिख अमेरिकियों के योगदान को पहचानते हुए कांग्रेस में एक प्रस्ताव पेश किया. प्रस्ताव में कहा गया है सिख अमेरिकियों ने अपने धर्म और सेवा से सभी लोगों के बीच सम्मान हासिल कर अपनी अलग पहचान बनाई है. प्रस्ताव में कहा गया है कि वह अमेरिका और दुनियाभर में सिखों से हुए भेदभाव को मानता है.

इसमें कहा गया है कि सिख पुरुषों और महिलाओं ने 18वीं सदी में अपने आगमन से लेकर अब तक अमेरिकी समाज में काफी योगदान दिया है.

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प्रस्ताव में कहा गया है कि उन्होंने विभिन्न पेशों को चुना जिससे अमेरिका सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रूप से समृद्ध हुआ और वहां विविधता आयी. उन्होंने कृषि, सूचना प्रौद्योगिकी, लघु उद्योगों, हॉस्पिटैलिटी उद्योग, औषधि और तकनीक में हमारे महान राष्ट्र में अहम योगदान दिया. 


अमेरिका में तकरीबन 500,000 सिख रह रहे हैं और इनमें से आधी आबादी कैलिफोर्निया में रहती है.

इस बीच, ओक क्रीक गुरुद्वारा गोलीबारी घटना की सातवीं वर्षगांठ पर छह से अधिक सांसदों ने सख्त बंदूक नियंत्रण कानूनों और व्यापक जांच की वकालत जारी रखने का संकल्प लिया.

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अल पासो, टेक्सास, डेटन, ओहायो, गिलरॉय, कैलिफोर्निया में हाल ही में गोलीबारी के बाद अमेरिका में कई लोग और संगठन सख्त बंदूक नियंत्रण कानूनों की मांग कर रहे हैं. 

ओक क्रीक में पांच अगस्त 2012 को एक गुरुद्वारे में एक व्यक्ति ने गोलीबारी शुरू कर दी थी जिसमें छह लोग मारे गए थे.

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